NEWS PR डेस्क :सुपौल जिले के सदर थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े एक युवक पर कथित जानलेवा हमले और लूट की घटना सामने आई है। परसरमा-बरेल मार्ग स्थित मुसहरी टोला के समीप कुछ युवकों ने एक युवक को रोककर लाठी, डंडे और लोहे की रॉड से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। पीड़ित का इलाज सदर अस्पताल, सुपौल में चल रहा है। मामले में पुलिस को लिखित शिकायत दी गई है।

दुकान की पगड़ी के ₹1.5 लाख लेकर लौट रहा था युवक
घायल नितेश कुमार सिंह, पिता शशि कुमार सिंह, निवासी बरेल ने बताया कि शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे वह परसरमा से अपनी दुकान की पगड़ी के करीब ₹1.5 लाख लेकर मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे। आरोप है कि मुसहरी टोला के पास पहले से घात लगाए बैठे कुछ युवकों ने उन्हें रोक लिया और अचानक हमला कर दिया।
पीड़ित के अनुसार, शिवम कुमार सिंह, सोनल कुमार सिंह, कुणाल कुमार सिंह, ओम प्रकाश कुमार सिंह और प्रशांत कुमार सिंह ने मिलकर लाठी, डंडे और लोहे की रॉड से उनकी पिटाई की। आरोप है कि हमले के दौरान उनके पास मौजूद ₹1.5 लाख नकद और गले से सोने की चेन भी छीन ली गई।
स्थानीय लोगों ने पहुंचाया अस्पताल
हमले के बाद आसपास के लोगों ने घायल नितेश कुमार सिंह को सदर अस्पताल, सुपौल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार किया जा रहा है। पीड़ित परिवार का कहना है कि नामजद आरोपियों के खिलाफ सदर थाना में लिखित आवेदन दिया जा चुका है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक पुलिस की ओर से किसी गिरफ्तारी या अन्य ठोस कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई थी।
SSB जवान भाई ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
घायल के भाई दीपेश कुमार सिंह, जो सशस्त्र सीमा बल (SSB) में कार्यरत हैं, ने घटना पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, “अगर देश की सुरक्षा में तैनात जवान के परिवार के लोग ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है।” उन्होंने बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद उन्हें छुट्टी लेकर तत्काल सुपौल आना पड़ा।
आरोपियों के खिलाफ पहले भी शिकायत होने का दावा
दीपेश कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि नामजद आरोपी पहले भी गांव में नशे की हालत में नाबालिग लड़कियों से छेड़छाड़ जैसी घटनाओं में शामिल रहे हैं। उनके अनुसार, उस समय मामला पंचायत स्तर पर सुलझा दिया गया था, जिससे आरोपियों का मनोबल बढ़ा और अब इस गंभीर घटना को अंजाम दिया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और इस संबंध में पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। पीड़ित परिवार ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं, पुलिस की ओर से मामले में आधिकारिक बयान का इंतजार है। जांच के बाद ही घटना की परिस्थितियों और लगाए गए आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।सुपौल से अल्ताफ राजा की रिपोर्ट
