NEWS PR डेस्क: सुपौल: कोसी बराज से लगातार पानी छोड़े जाने के बाद सुपौल जिले में कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ कटाव भी तेज हो गया है। इसका सबसे ज्यादा असर जिले के तेलवा पंचायत के वार्ड संख्या-5 स्थित नया नगर सीतोहार में देखने को मिल रहा है, जहां भीषण कटाव की चपेट में आने से करीब 25 परिवार बेघर हो गए हैं। लोगों के घर नदी में समा गए हैं और अब वे खुले आसमान के नीचे जीवन बिताने को मजबूर हैं।

कटाव से प्रभावित परिवारों के सामने रहने के साथ-साथ भोजन और दैनिक जरूरतों का भी गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि घटना के बाद अब तक प्रशासन की ओर से न तो पर्याप्त राहत सामग्री उपलब्ध कराई गई है और न ही पुनर्वास की कोई ठोस व्यवस्था की गई है। उनका कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद केवल औपचारिक कार्रवाई ही की गई।
प्रशासन ने कराया निरीक्षण
ग्रामीणों की शिकायत के बाद अंचल कार्यालय की ओर से अमीन को मौके पर भेजकर स्थिति का निरीक्षण कराया गया। वहीं स्थानीय मुखिया भी लगातार कटाव प्रभावित इलाके का दौरा कर प्रभावित परिवारों की समस्याओं का जायजा ले रहे हैं।
राहत और स्थायी समाधान की मांग
कटाव पीड़ित परिवारों ने जिला प्रशासन से तत्काल राहत सामग्री उपलब्ध कराने, सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास करने और कोसी नदी के कटाव को रोकने के लिए स्थायी सुरक्षा उपाय किए जाने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष बाढ़ और कटाव से उनकी जिंदगी प्रभावित होती है, लेकिन अब तक इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। फिलहाल नया नगर सीतोहार में हालात चिंताजनक बने हुए हैं। प्रभावित परिवार प्रशासन की मदद का इंतजार कर रहे हैं। अब सभी की नजर जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है कि बेघर हुए परिवारों तक राहत कब और कैसे पहुंचती है।सुपौल से अल्ताफ राजा की रिपोर्ट
