नई दिल्ली: स्वतंत्रता दिवस से पहले राष्ट्रीय राजधानी की सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से कथित तौर पर जुड़े आतंकी और अपराध नेटवर्क के खिलाफ लगातार कार्रवाई तेज कर दी है। जांच में पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स, गैंगस्टर से आतंकी बने शाहजाद भट्टी और उसके नेटवर्क से जुड़े लोगों के नाम सामने आए हैं। एजेंसियों को आशंका है कि ऐसे मॉड्यूल का इस्तेमाल दिल्ली-NCR में आतंकी हमलों, हथियारों की तस्करी, रेकी और स्थानीय युवाओं की भर्ती के लिए किया जा रहा था।
सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को बनाया जा रहा था मोहरा
जांच एजेंसियों के मुताबिक, नेटवर्क का एक अहम हिस्सा सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को अपने साथ जोड़ना था। आरोप है कि युवाओं को पैसे का लालच देकर हमलों और दूसरी आपराधिक गतिविधियों के लिए तैयार किया जाता था। अप्रैल में दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर से विवेक बंजारा को गिरफ्तार किया था। इसके बाद राजवीर को भी पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार, दोनों का संबंध पाकिस्तान स्थित गैंगस्टर शाहजाद भट्टी के नेटवर्क से था और उन्हें दिल्ली-NCR में हमले की साजिश में शामिल होने का संदेह था।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों को सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क किया गया और उन्हें लक्षित हिंसा के लिए तैयार किया गया। अधिकारियों के अनुसार, कुछ मामलों में आरोपियों को करीब 3 लाख रुपये तक देने का लालच दिया गया था। जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क के फंडिंग चैनल, भर्ती के तरीके और पाकिस्तान से मिलने वाले निर्देशों की पड़ताल कर रही हैं।
दिल्ली के संवेदनशील ठिकाने भी थे निशाने पर
मई में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने ‘Gang Bust Operation 2.0’ के तहत कई राज्यों में कार्रवाई की। इस दौरान 9 संदिग्धों को पकड़ा गया। जांच में कथित तौर पर सामने आया कि नेटवर्क ने दिल्ली के एक ऐतिहासिक मंदिर, दिल्ली-सोनीपत हाईवे के एक चर्चित ढाबे और हरियाणा के हिसार स्थित एक सैन्य कैंप जैसे ठिकानों की रेकी की थी। उत्तर प्रदेश के कुछ पुलिस स्टेशनों को भी संभावित निशाने के तौर पर देखा गया था।
पुलिस के मुताबिक, नेटवर्क का मकसद केवल एक जगह हमला करना नहीं था, बल्कि अलग-अलग स्थानों पर हिंसा फैलाकर दहशत का माहौल पैदा करना था। जांच में रेकी, हथियारों की व्यवस्था और स्थानीय स्तर पर ऑपरेटिव तैयार करने से जुड़े सुराग मिलने की बात सामने आई है।
हथियारों और विस्फोटक सामग्री की बरामदगी
मई में हुई एक बड़ी कार्रवाई के बाद दिल्ली पुलिस के स्पेशल सीपी अनिल शुक्ला ने बताया था कि ISI और मुंबई अंडरवर्ल्ड से कथित रूप से जुड़े नेटवर्क के 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इनके पास से पाकिस्तान निर्मित 4 ग्रेनेड, 2 Glock पिस्तौल और 25 राउंड गोलियां बरामद करने का दावा किया था। पुलिस के मुताबिक, इस नेटवर्क के निशाने पर दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहर थे। मुंबई में रेलवे स्टेशन, पार्क और पुल जैसे स्थानों को निशाना बनाने की योजना की बात सामने आई, जबकि दिल्ली में सरकारी इमारतों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की आशंका जताई गई।
नेपाल कनेक्शन और लॉजिस्टिक सपोर्ट की भी जांच
जांच के दौरान नेटवर्क में नेपाल कनेक्शन की बात भी सामने आई। अधिकारियों के अनुसार, नेपाल के रास्ते लॉजिस्टिक और आर्थिक मदद पहुंचाने की संभावनाओं की जांच की जा रही थी। पुलिस ने यह भी कहा कि गिरफ्तार आरोपियों में नेपाल मूल के लोग भी शामिल थे। मामले की जांच केवल गिरफ्तार आरोपियों तक सीमित नहीं है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल कथित पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स, स्थानीय मददगारों, फंडिंग चैनल और हथियारों की सप्लाई लाइन की भी जांच कर रही है।
विदेशी मोबाइल नंबरों से व्हाट्सएप्प, पुलिस की नजर से बचने की कोशिश
जुलाई में सामने आए एक अन्य ISI-समर्थित आतंकी-रेकी मॉड्यूल में दिल्ली पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी विदेशी मोबाइल नंबरों के जरिए व्हाट्सएप्प चला रहे थे ताकि उनकी बातचीत को ट्रेस करना मुश्किल हो। जांच में पाकिस्तान स्थित गैंगस्टर-से-आतंकी बने शाहजाद भट्टी से कथित संबंध सामने आए।
इस कार्रवाई में पुलिस ने Zigana पिस्तौल, .30-बोर पिस्तौल, 9 जिंदा कारतूस और 5 मोबाइल फोन बरामद किए थे। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में शुभदीप सिंह, गुरजंत सिंह, साजन सिंह और गगनप्रीत शामिल थे। इनमें से एक आरोपी ने कथित तौर पर दिल्ली में पुलिस प्रतिष्ठानों और धार्मिक स्थलों की रेकी की थी।
ड्रोन से हथियार और नशे की खेप पहुंचाने का आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार, नेटवर्क का इस्तेमाल केवल आतंकी गतिविधियों के लिए ही नहीं बल्कि हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए भी किया जा रहा था। पुलिस ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान से पंजाब के रास्ते हथियार, गोला-बारूद और हेरोइन जैसी नशीली चीजों की खेप भारत लाई जाती थी। इसके बाद इन्हें दिल्ली-NCR के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचाया जाता था। कुछ मामलों में सीमा पार से ड्रोन के जरिए हथियार और नशीले पदार्थ गिराए जाने की भी जांच की गई। इसके बाद स्थानीय नेटवर्क के लोग इन खेपों को उठाकर आगे पहुंचाते थे।
7 आरोपियों की गिरफ्तारी से भी खुला बड़ा नेटवर्क
जून में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की Eastern Range टीम ने ISI से कथित रूप से जुड़े एक अन्य नेटवर्क के 7 ऑपरेटिव गिरफ्तार किए थे। पुलिस के अनुसार, यह नेटवर्क पाकिस्तान स्थित गैंगस्टर-से-आतंकी बने शहजाद भट्टी और उसके सहयोगी अजमल गुज्जर से जुड़ा था।
पुलिस ने दावा किया कि नेटवर्क दिल्ली-NCR में संभावित आतंकी हमलों की तैयारी कर रहा था। साथ ही हथियार और नशीले पदार्थों की सप्लाई तथा संभावित ठिकानों की रेकी भी की जा रही थी। कार्रवाई के दौरान 5 अत्याधुनिक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल बरामद किए गए थे।
स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा और कड़ी
15 अगस्त को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही कड़ी की जा रही है। राजधानी के संवेदनशील इलाकों, सार्वजनिक स्थानों, सरकारी प्रतिष्ठानों, धार्मिक स्थलों और दूसरे महत्वपूर्ण ठिकानों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है। दिल्ली पुलिस पहले भी स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा ऑडिट कर चुकी है। ऐसे निरीक्षणों में होटल, मेट्रो स्टेशन, मॉल और दूसरे भीड़भाड़ वाले स्थान शामिल रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, सुरक्षा व्यवस्था में मिली खामियों को दूर करने के निर्देश दिए जाते हैं और संवेदनशील स्थानों की निगरानी बढ़ाई जाती है।
जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती
सुरक्षा एजेंसियों के लिए इस पूरे नेटवर्क की सबसे बड़ी चुनौती इसका बहुस्तरीय और अलग-अलग राज्यों में फैला होना है। पाकिस्तान में बैठे कथित हैंडलर्स, स्थानीय अपराधी नेटवर्क, सोशल मीडिया के जरिए भर्ती किए गए युवा, हथियारों की सप्लाई और फंडिंग चैनल—इन सभी कड़ियों को जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल लगातार गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। उनके मोबाइल फोन, डिजिटल डिवाइस, चैट, संपर्क और वित्तीय लेनदेन की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं और क्या किसी अन्य हमले की योजना बनाई गई थी।
स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले सामने आए इन मामलों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि पुलिस की लगातार कार्रवाई से कई कथित मॉड्यूल और उनकी योजनाओं का समय रहते पता लगाया गया है। अब जांच एजेंसियों का फोकस इस पूरे नेटवर्क की बाकी कड़ियों तक पहुंचने और राजधानी में किसी भी संभावित आतंकी साजिश को नाकाम करने पर है।