रांची: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। झारखंड पुलिस के क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) ने सोमवार को झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के पूर्व चेयरपर्सन एल. खियांगते को गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर चल रही जांच के तहत यह कार्रवाई की गई है।
14वीं सिविल सर्विस परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच
मामला मुख्य रूप से 14वीं JPSC संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। इसके अलावा CID, JPSC की ओर से आयोजित अन्य भर्ती परीक्षाओं में भी कथित गड़बड़ियों की जांच कर रही है। जांच के दौरान आयोग के कार्यालय समेत कई जगहों पर छापेमारी की गई और परीक्षा से जुड़े दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जुटाए गए।14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के रिजल्ट जारी होने के बाद अभ्यर्थियों ने परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए थे। इसके बाद झारखंड सरकार ने मामले की जांच CID को सौंप दी थी।
पहले हो चुकी थी एल. खियांगते से लंबी पूछताछ
गिरफ्तारी से पहले CID, पूर्व JPSC चेयरपर्सन एल. खियांगते से कई दौर में पूछताछ कर चुकी थी। 28 जुलाई को उनसे करीब 9 घंटे तक पूछताछ की गई थी। जांचकर्ताओं ने परीक्षा कराने वाली एजेंसी के चयन, शिकायतों के निपटारे और परीक्षा से जुड़े अन्य पहलुओं को लेकर उनसे सवाल किए थे। खियांगते को इससे पहले लगातार दो दिनों तक पूछताछ के लिए बुलाया गया था। मामले में उनसे आगे भी पूछताछ की जानी थी। अब CID की ओर से उनकी गिरफ्तारी को जांच में अहम कार्रवाई माना जा रहा है।
छापेमारी के बाद JPSC चेयरपर्सन पद से दिया था इस्तीफा
एल. खियांगते ने जुलाई में JPSC चेयरपर्सन के पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे से पहले CID और रांची पुलिस की संयुक्त टीम ने JPSC कार्यालय समेत कई जगहों पर छापेमारी की थी। उनके रांची स्थित आधिकारिक आवास पर भी जांच टीम ने तलाशी ली थी। खियांगते ने उस समय कहा था कि उन्होंने निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए स्वेच्छा से पद छोड़ा है। उनका कहना था कि पद पर बने रहने की स्थिति में सबूतों से छेड़छाड़ को लेकर सवाल उठ सकते थे।
मामले में पहले ही 10 लोग गिरफ्तार
CID की जांच में इससे पहले 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार आरोपियों में JPSC की तत्कालीन डिप्टी कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन श्वेता कुमारी गुप्ता और परीक्षा से जुड़ी निजी कंपनी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TSR Data Processing Private Limited) के डायरेक्टर रामवीर सिंह समेत अन्य लोग शामिल हैं। जांच के दौरान अधिकारियों ने JPSC कार्यालय और परीक्षा से जुड़ी एजेंसी के परिसरों से परीक्षा संबंधी दस्तावेज, OMR शीट और डिजिटल डेटा समेत कई अहम सामग्री जब्त की थी।
मुख्य परीक्षा भी हो चुकी है स्थगित
कथित अनियमितताओं की जांच के बीच JPSC ने 14वीं संयुक्त सिविल सेवा मुख्य परीक्षा-2025 को भी स्थगित कर दिया था। यह परीक्षा 25 जुलाई से 27 जुलाई 2026 के बीच आयोजित होनी थी, लेकिन आयोग ने इसे अगले आदेश तक टाल दिया। इस मामले को लेकर विपक्षी दलों और अभ्यर्थियों की ओर से भी लगातार सवाल उठाए गए हैं। विपक्ष ने पूरे मामले की CBI जांच की मांग की है, जबकि राज्य सरकार की ओर से CID की जांच जारी है।
झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव रह चुके हैं एल. खियांगते
एल. खियांगते झारखंड सरकार के पूर्व मुख्य सचिव भी रह चुके हैं। रिटायरमेंट के बाद उन्हें मार्च 2025 में JPSC चेयरपर्सन की जिम्मेदारी दी गई थी। अब भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच के बीच उनकी गिरफ्तारी से यह मामला और गंभीर हो गया है। फिलहाल CID पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा के संचालन, रिजल्ट तैयार करने और डिजिटल डेटा के प्रबंधन में कथित अनियमितताएं कैसे हुईं और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।