NEWS PR डेस्क : पटना, 12 अगस्त 2026 : बिहार में किसानों की आय बढ़ाने और गन्ने के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए गन्ना उद्योग विभाग वर्षाकालीन गन्ने की आधुनिक खेती को बढ़ावा देने की तैयारी कर रहा है। इस तकनीक के तहत वर्षाकाल में लगाए गए गन्ने से अगले साल फरवरी में बीज तैयार होगा। इसके बाद उसी गन्ने की खूंटी से नवंबर-दिसंबर तक दूसरी फसल तैयार की जा सकेगी। यानी किसानों को एक बार गन्ने की रोपाई से बीज उत्पादन के साथ रैटून फसल के जरिए अतिरिक्त आमदनी का मौका मिलेगा।
नई चीनी मिलों को पर्याप्त गन्ना उपलब्ध कराने की तैयारी
राज्य सरकार ने नई चीनी मिलों और पहले से संचालित चीनी मिलों को पर्याप्त मात्रा में गन्ना उपलब्ध कराने के लिए गन्ना विस्तार कार्यक्रम शुरू किया है। इसका उद्देश्य बिहार में गन्ने की खेती का क्षेत्र बढ़ाना और किसानों को गन्ने की आधुनिक खेती से जोड़ना है।
इसी योजना के तहत गन्ना उद्योग विभाग वर्षाकालीन गन्ने की खेती को बढ़ावा दे रहा है। विभाग की योजना है कि वर्षाकाल में लगाए गए गन्ने से फरवरी में बीज तैयार हो सके। किसान इस बीज का उपयोग आगे की खेती में कर सकेंगे। इसके बाद गन्ने की खूंटी से तैयार होने वाली रैटून फसल नवंबर-दिसंबर तक तैयार हो जाएगी, जिससे किसानों को अतिरिक्त आय प्राप्त होगी।
इन चीनी मिल क्षेत्रों में हो रही वर्षाकालीन गन्ने की रोपाई
गन्ना उद्योग विभाग के अनुसार, इस वर्ष बिहार के रीगा, हसनपुर, मझौलिया और प्रतापपुर चीनी मिल क्षेत्रों में वर्षाकालीन गन्ने की रोपाई को बढ़ावा दिया जा रहा है। इन क्षेत्रों में किसानों को आधुनिक तरीके से गन्ने की खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य के अन्य चीनी मिल क्षेत्रों में भी किसानों को वर्षाकालीन गन्ने की रोपाई के फायदे और फसल के उचित प्रबंधन के बारे में जागरूक किया जा रहा है।

जलजमाव वाले खेतों में न करें गन्ने की रोपाई
विभाग ने किसानों को वर्षाकालीन गन्ने की खेती के लिए खेत का चयन सावधानी से करने की सलाह दी है। इसके लिए ऐसे खेत अधिक उपयुक्त हैं, जहां बाढ़ का पानी जमा नहीं होता हो और जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था हो।वर्षाकाल में गन्ने की खेती के लिए निचले और जलजमाव वाले खेतों से बचने की सलाह दी गई है। ऊंचे और जल निकासी की उचित व्यवस्था वाले खेतों में गन्ने की रोपाई करने से फसल को बेहतर तरीके से विकसित होने में मदद मिलेगी।
एक बार रोपाई, दो बार कमाई का मौका
गन्ना उद्योग विभाग ने किसानों से उपयुक्त खेतों में वर्षाकालीन गन्ने की रोपाई अपनाने की अपील की है। विभाग के मुताबिक, इस पद्धति से किसान पहले बीज उत्पादन का लाभ ले सकते हैं और बाद में उसी फसल की खूंटी से तैयार रैटून फसल के जरिए अतिरिक्त आमदनी प्राप्त कर सकते हैं।
इस तरह आधुनिक वर्षाकालीन गन्ने की खेती किसानों के लिए एक बार रोपाई और एक वर्ष में दोहरे लाभ का बेहतर विकल्प बन सकती है। सरकार का उद्देश्य इस तकनीक के जरिए किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ बिहार में गन्ने के उत्पादन और खेती के विस्तार को भी गति देना है।