NEWS PR डेस्क :हाथ में इंसाफ की मांग और जुबान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने की जिद। पटना के गर्दनीबाग में इन दिनों छह साल के एक बच्चे का धरना लोगों का ध्यान खींच रहा है। बच्चे का आरोप है कि 25 अगस्त को BPSC अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उसके माता-पिता के साथ कथित तौर पर मारपीट की और उसे करीब आठ घंटे तक उनसे अलग रखा।

अब बच्चा इस पूरे मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप की मांग कर रहा है। उसका कहना है कि उसके माता-पिता ने कोई अपराध नहीं किया था, फिर उनके साथ कथित तौर पर मारपीट क्यों की गई?
25 अगस्त के प्रदर्शन से जुड़ा है मामला
दरअसल, 25 अगस्त को पटना में BPSC अभ्यर्थियों के नेतृत्व में प्रदर्शन हुआ था। प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास का घेराव करने की कोशिश कर रहे थे। प्रदर्शन से जुड़ी प्रमुख मांगों में TRE-4 शिक्षक भर्ती परीक्षा को एक चरण में कराने की मांग भी शामिल थी। इसी प्रदर्शन के दौरान छह वर्षीय बच्चे के माता-पिता भी वहां मौजूद थे। बच्चे का दावा है कि पुलिस कार्रवाई के दौरान उसे अपने माता-पिता से अलग कर दिया गया और करीब आठ घंटे तक वह उनसे दूर रहा।
बच्चे ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
धरने पर बैठे बच्चे ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि पुलिस ने उसके माता-पिता के साथ मारपीट की। उसने सवाल उठाते हुए कहा कि उसके माता-पिता कोई अपराधी नहीं हैं, फिर उनके साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया गया? बच्चे की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और उसके माता-पिता को इंसाफ मिले।
पुलिस ने क्या कहा?
बच्चे के आरोपों पर पुलिस का पक्ष अलग है। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन और तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए बच्चे को उसकी सुरक्षा के मद्देनजर कुछ समय के लिए थाने में रखा गया था। बाद में उसे उसकी मां को सौंप दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बच्चे के माता-पिता को यह भी सलाह दी कि प्रदर्शन या तनाव वाली जगहों पर छोटे बच्चों को साथ लेकर नहीं आना चाहिए। बताया जा रहा है कि बच्चे के पिता दिहाड़ी मजदूर हैं, जबकि उसकी मां घरेलू सहायक के तौर पर काम करती हैं।
PM मोदी से मिलने की मांग
धरने पर बैठे बच्चे की सबसे बड़ी मांग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है। बच्चे का कहना है कि प्रधानमंत्री चुनाव के दौरान रोड शो करते हैं और लोगों से मिलते हैं, इसलिए उन्हें उसकी शिकायत भी सुननी चाहिए। बच्चे ने कहा है कि जब तक प्रधानमंत्री उससे मिलकर उसकी बात नहीं सुनते, वह धरनास्थल से नहीं हटेगा। उसने राजनीतिक दलों और नेताओं से भी अपने प्रदर्शन का समर्थन करने की अपील की है।
DGP को भी सौंपा पत्र
धरने से एक दिन पहले बच्चे ने मीडिया को बताया था कि उसने बिहार के DGP विनय कुमार को एक पत्र सौंपा है। पत्र में कथित पुलिस ज्यादती की न्यायिक जांच कराने की मांग की गई है। बच्चे ने कहा कि उसे DGP पर भरोसा है और उम्मीद है कि उसकी शिकायत पर जांच का आदेश दिया जाएगा।