हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैयाल की’ के जयघोष से गूंजा मिलर ग्राउंड, कृष्णोत्सव में उमड़ी भीड़

Rashmi Tiwari

NEWS PR डेस्क : युवाओं को सनातन संस्कृति से जोड़ने के लिए राजधानी में पहली बार आयोजित तीन दिवसीय कृष्णोत्सव में युवा समेत हर वर्ग के लोगों की भीड़ दिखी। साथ ही युवा झुमते नजर आए और कलाकारों की प्रस्तुती पर जमकर तालियां बजी। यानी कलाकारों ने खूब तालियां बटोरी। यह भव्य आयोजन चार सितंबर तक पटना के मिलर ग्राउंड में चलेगा।

बुधावार की शाम कृष्णोत्सव का उद्घाटन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया। उन्होंने दर्शकों को साथ-साथ कहने को कहा हाथी घोड़ा पालकी..जय कन्हैयाल की। सीएम ने कहा कि जब-जब अधर्म हुआ, तबतब कृष्ण ने उसे समाप्त करने का काम किया। उन्होंने कहा कि कृष्ण को गुरू के रूप में देखें। हाथी घोड़ा कृष्णोत्सव में देश-विदेश के चर्चित कलाकर शिरकत कर रहे हैं। वैसे इसका आयोजन यूथ एलायंस फार सोशल हारमोनी एंड एनवायरनमेंट की ओर से किया जा रहा है। इस तीन दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव में आयोजित विविध प्रतियोगिता आयोजित की गई है। प्रतियोगिता जितने वाले को पुरस्कृत किया जाएगा।

इसकी पुष्टि बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के सदस्य सायण कुणाल ने की। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, संगीत और सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देना और युवाओं को सनातन से जोड़ना है। सायन कुणाल ने पटना एवं बिहार के सभी धर्मप्रेमियों, युवाओं और आम जनता से सपरिवार इस पावन महोत्सव में उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल व ऐतिहासिक बनाने की अपील की है।

उन्होंने कहा कि कृष्णोत्सव में प्रवेश निःशुल्क है। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, मंत्री विजय कुमार सिन्हा, मंत्री दिलीप जायसवाल, मंत्री डॉ. अशोक चौधरी यशी संस्थापक सदस्य डॉ. अजित प्रधान, सांसद शांभवी चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, मंत्री संजय सिंह, जमा खान, मंत्री राम कृपाल यादव, एमएलसी अजय सिंह, विधायक संजय चौरसिया, श्रीमती अनिता कुणाल आदि मौजूद थी।

कार्यक्रम में पहले दिन उस्ताद डॉ. मुजतबा हुसैन का बांसुरी वादन और प्रिंस डांस ग्रुप की प्रस्त्तुती मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा। कार्यक्रम भव्य शुभारंभ राष्ट्रीय गान, राष्ट्रीय गीत एवं बिहार गान के साथ हुई अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त बांसुरी वादक एवं गायक उस्ताद डॉ. मुजतबा हुसैन एवं चाहत हुसैन की सुरीली प्रस्तुति ने सबका मन मोह लिया।


बांसुरी वादक उस्ताद डॉ. मुजतबा हुसैन राग देश पर आधारित भजन-श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी हे नाथ नारायण वासुदेव… एवं गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो…हरे कृष्णा एवं कई कृष्ण भजन में बांसुरी वादन से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं पार्श्व गायिका चाहत हुसैन ने भजन पेश की। जिसे श्रोता सुनकर मंत्रमुग्ध हो गए।


डॉ.मुजतबा के अनुसार उनकी व्यावसायिक यात्रा में भारतीय शास्त्रीय संगीत, लोक एवं पारंपरिक संगीत, संगीत रचना, शिक्षण, शोध, सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक आदान-प्रदान तथा भारत के विभिन्न कलाकारों और संस्थाओं के साथ व्यापक रूप से कार्य करना शामिल है। आठ वर्ष की आयु में संगीतकारों के परिवार में संगीत की शिक्षा प्रारंभ करने के बाद उन्होंने एक शास्त्रीय कलाकार से आगे बढ़कर स्वयं को एक बहुआयामी सांस्कृतिक कर्मी के रूप में विकसित किया। उनके कार्य ने उन्हें भारत के प्रमुख सांस्कृतिक मंचों के साथ-साथ यूरोप, अफ्रीका, खाड़ी देशों और दक्षिण अमेरिका तक पहुँचाया है।


उनका अनुभव केवल मंचीय प्रस्तुति तक सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय संगीत परंपराओं के संरक्षण, संवहन, दस्तावेजीकरण, प्रस्तुतीकरण तथा समकालीन संदर्भों में पुनर्व्याख्या तक विस्तृत है।
जीवंत सांस्कृतिक परंपराओं के साधक
डॉ. हुसैन की विशेषता यह है कि वे भारतीय संगीत को केवल एक प्रस्तुति के रूप में नहीं, बल्कि परंपरा के भीतर से समझने और जीने वाले कलाकार हैं।
मंगलाचरण एवं शंखनाद: विश्वविख्यात शंख एवं डमरू वादक डॉ. पंडित बिपिन कुमार मिश्रा द्वारा मंगल ध्वनि।
संबोधन एवं परिचर्चा: स्वागत भाषण, मुख्य अतिथि का संबोधन तथा भगवान श्रीकृष्ण के जीवन व दर्शन पर विशेष प्रवचन एवं परिचर्चा हुई। नृत्य प्रस्तुति मशहूर प्रिंस डांस ग्रुप द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुति दी गई। प्रिंस ग्रुप ने अपनी प्रस्तुती पेश कर सबका मन मोह लिया। यह डांस ग्रुप ओड़िसा की है।

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