कान्हा के जन्मोत्सव में डूबा बिहार, फूलों से सजा पटना का इस्कॉन मंदिर

Rashmi Tiwari

NEWS PR डेस्क: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी को लेकर पूरे बिहार में भक्तिमय माहौल है। मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। पटना के प्रमुख मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और भगवान राधा-कृष्ण के अभिषेक का आयोजन किया जा रहा है।


108 चांदी के कलश से होगा भगवान का अभिषेक
पटना के इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। सुबह 4 बजे मंदिर के पट खोल दिए गए, जिसके बाद से ही श्रद्धालु दर्शन और पूजा के लिए पहुंच रहे हैं। मुख्य पूजा की शुरुआत सुबह 11 बजे से हुई। इस दौरान 108 चांदी के कलश से भगवान श्रीकृष्ण का अभिषेक किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने भी मंदिर पहुंचकर शंख से राधा-कृष्ण का अभिषेक किया।
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन दोपहर 1 बजे इस्कॉन मंदिर पहुंचेंगे, जबकि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी दोपहर 3 बजे पहुंचकर कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे।
फूलों से सजेगा मंदिर, 8 टन फूलों से तैयार होगा फूल बंगला
इस बार इस्कॉन मंदिर की सजावट खास आकर्षण का केंद्र है। मंदिर को सजाने के लिए बेंगलुरु, पुणे और कोलकाता समेत विदेशों से करीब 8 टन फूल मंगाए गए हैं। इन्हीं फूलों से भगवान के लिए विशेष फूल बंगला तैयार किया जा रहा है। पूरे दिन श्रद्धालुओं के लिए प्रसादम की व्यवस्था रहेगी। मंदिर परिसर में लगातार कीर्तन और राधा-कृष्ण का विशेष अभिषेक भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
रात 1:30 बजे तक कर सकेंगे दर्शन
श्रद्धालु रात 1:30 बजे तक भगवान के दर्शन कर सकेंगे। सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक श्रद्धालुओं और विशेष अतिथियों के लिए विशेष अभिषेक की व्यवस्था रहेगी। भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रबंधन ने दर्शन की व्यवस्था इस तरह की है कि श्रद्धालु मंदिर में प्रवेश कर दर्शन के बाद बाहर निकलेंगे। मंदिर परिसर में किसी को अनावश्यक रूप से रुकने की अनुमति नहीं होगी। भक्तों की एंट्री BSNL ऑफिस की ओर से होगी।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
जन्माष्टमी के मौके पर भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। किसी भी अवांछित गतिविधि पर नजर रखने के लिए मंदिर और आसपास के इलाकों में 150 से अधिक CCTV कैमरे लगाए गए हैं। श्रद्धालुओं से अपने जूते-चप्पल की सुरक्षा की व्यवस्था स्वयं करने की अपील की गई है।
शुभ संयोग में मनाई जा रही जन्माष्टमी
इस बार जन्माष्टमी पर अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र का विशेष संयोग बन रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण का जन्म रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। यही वजह है कि जन्माष्टमी की पूजा और उत्सव को लेकर भक्तों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है।

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