NEWS PR डेस्क: पटना: बिहार में नदियों के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ जैसे हालात के बीच राजधानी पटना में प्रशासन अलर्ट मोड पर है। नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा के निर्देश पर अधिकारियों ने जलजमाव और जल निकासी की व्यवस्था की निगरानी तेज कर दी है। इसी क्रम में पटना के नगर आयुक्त यशपाल मीणा शनिवार और रविवार की दरम्यानी रात करीब 12 बजे से सुबह 3 बजे तक शहर के विभिन्न इलाकों का निरीक्षण करते रहे। उन्होंने जलजमाव वाले क्षेत्रों का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को नालों की सफाई तथा पानी की निकासी में तेजी लाने के निर्देश दिए।
नगर आयुक्त ने लिया जलजमाव का जायजा
नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने रात के निरीक्षण के दौरान शहर की जल निकासी व्यवस्था को देखा। उन्होंने अधिकारियों से नालों की सफाई और पानी की निकासी पर लगातार नजर रखने को कहा। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि राजधानी को किसी भी हाल में डूबने नहीं दिया जाएगा। इसके लिए शहर के सभी पंपिंग स्टेशनों को अलर्ट पर रखा गया है और जल निकासी की लगातार निगरानी की जा रही है।
गंगा के बढ़ते जलस्तर ने बढ़ाई चिंता
जल संसाधन विभाग के अनुसार, रविवार सुबह 8 बजे गंगा का जलस्तर दीघा घाट पर 51.99 मीटर, गांधी घाट पर 50.56 मीटर और मोकामा के हाथीदह में 43.50 मीटर दर्ज किया गया। विभाग के मुताबिक, तीनों स्थानों पर जलस्तर उच्चतम बाढ़ स्तर तक पहुंच गया है। गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर उच्चतम बाढ़ स्तर को पार कर चुका है। इसके बाद विभाग ने डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है।

विभाग ने अनुमान जताया है कि गंगा के बढ़ते पानी का दबाव अगले 1 से 3 दिनों में हाथीदह और उसके बाद के डाउनस्ट्रीम गेज स्टेशनों पर दिखाई दे सकता है। हाथीदह में भी पुराने उच्चतम बाढ़ स्तर को पार करने की आशंका जताई गई है। इस स्थिति को देखते हुए बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार के गंगा किनारे बसे क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत बताई गई है।
प्रमुख बैराजों से 5.16 लाख क्यूसेक पानी का बहाव
6 सितंबर 2026 को सुबह 11 बजे उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, बिहार के प्रमुख बैराजों से भी बड़ी मात्रा में पानी का बहाव जारी है। इंद्रपुरी सोन बैराज से 2,17,596 क्यूसेक, बीरपुर कोसी बैराज से 1,69,255 क्यूसेक और वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से 1,29,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। तीनों बैराजों से कुल मिलाकर करीब 5.16 लाख क्यूसेक पानी का बहाव दर्ज किया गया है।
प्रशासन का कहना है कि नदियों और बैराजों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। पटना में जलजमाव से निपटने के लिए पंपिंग स्टेशनों और जल निकासी की व्यवस्था को सक्रिय रखा गया है।