NEWS PR डेस्क: पश्चिम चंपारण जिले के जोगापट्टी प्रखंड की सिसवा मंगलपुर पंचायत में बाढ़ और गंडक नदी के कटाव से परेशान ग्रामीणों का आक्रोश अब आंदोलन का रूप ले चुका है। बड़ी संख्या में महिला-पुरुषों ने नाव और पानी में उतरकर जल सत्याग्रह शुरू किया। ग्रामीणों का कहना है कि गंडक नदी के तेज कटाव ने उनके घर, खेत और आजीविका को बुरी तरह प्रभावित किया है।
गंडक के कटाव में 30 से 40 घर नदी में समाए
ग्रामीणों के मुताबिक, गंडक नदी के लगातार कटाव के कारण करीब 30 से 40 घर नदी में समा चुके हैं। इसके अलावा पंचायत के कई गांव अभी भी बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। लगातार बढ़ते जलस्तर और कटाव के कारण लोगों को अपने घर और जमीन बचाने की चिंता सता रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई परिवार अपने आशियाने खो चुके हैं और सुरक्षित स्थानों की तलाश में हैं। बाढ़ और कटाव ने सामान्य जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। लोगों को आवागमन, भोजन और रहने जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
हजारों एकड़ फसल बर्बाद, रोजी-रोटी का संकट
बाढ़ के पानी ने इलाके में लगी हजारों एकड़ फसल को बर्बाद कर दिया है। किसानों के खेत जलमग्न होने से उनकी मेहनत और फसल दोनों नष्ट हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि फसल बर्बाद होने के बाद उनके सामने परिवार का खर्च चलाने और रोजी-रोटी का गंभीर संकट पैदा हो गया है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इतनी बड़ी प्राकृतिक आपदा के बावजूद जिला प्रशासन की ओर से अब तक उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया गया है। उनका कहना है कि प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत और जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
जनप्रतिनिधियों से भी ग्रामीण नाराज
बाढ़ पीड़ितों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों को लेकर भी नाराजगी जाहिर की। ग्रामीणों का आरोप है कि चुनाव के समय विधायक और सांसद वोट मांगने के लिए गांवों तक पहुंचते हैं, लेकिन आपदा की इस घड़ी में प्रभावित परिवारों का हाल जानने कोई नहीं आया।
ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से स्थायी कटावरोधी व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि हर साल गंडक नदी के कटाव से होने वाली तबाही को रोका जा सके। इसके साथ ही विस्थापित परिवारों को तत्काल राहत, सुरक्षित स्थान और फसल क्षति का उचित मुआवजा देने की मांग भी उठाई गई है।
पानी में उतरकर जारी है जल सत्याग्रह
अपनी मांगों को प्रशासन और सरकार तक पहुंचाने के लिए ग्रामीण पानी में उतरकर जल सत्याग्रह कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी समस्याओं पर ठोस पहल नहीं होती, तब तक वे अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
जल सत्याग्रह के जरिए ग्रामीणों ने प्रशासन से बाढ़ और कटाव की समस्या का स्थायी समाधान निकालने की अपील की है। आंदोलन में महिलाओं की भी बड़ी भागीदारी देखने को मिली। ग्रामीणों का कहना है कि गंडक के कटाव से लगातार उजड़ रहे परिवारों को अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर राहत और सुरक्षा की जरूरत है।
पश्चिम चंपारण से रिपोर्टर: मोहम्मद इम्तिआज़