पटना में जाम का खेल खत्म करेगा AI! 1 घंटे पहले मिलेगी ट्रैफिक की चेतावनी

Rashmi Tiwari

NEWS PR डेस्क: पटना में यातायात व्यवस्था को सुगम, सुरक्षित और जाम-मुक्त बनाने के उद्देश्य से आज विश्वेश्वरैया भवन स्थित पथ निर्माण विभाग के सभागार में विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल की अध्यक्षता में पटना शहर में “यातायात जाम के प्रबंधन एवं समाधान” विषय पर एक दिवसीय उच्चस्तरीय कार्यक्रम आयोजित की गई। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में प्रो. पी. के. सिकदर (पूर्व निदेशक, CRRI एवं पूर्व प्रोफेसर, IIT बॉम्बे) तथा वेंकटा चुंदुरू (Country Head – India Operations, Arcadis IBI Group) ने भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान आंकड़ों के आधार पर पटना शहर की भौगोलिक संरचना, बढ़ती आबादी और वाहनों का दबाव, अतिक्रमण, ट्रैफिक नियम, यातायात प्रबंधन के समक्ष मुख्य चुनौतियाँ पर चर्चा की गई। डाक बंगला, पटना जंक्शन रोड, जीपीओ गोलंबर, एग्जीबिशन रोड, बोरिंग रोड, गांधी मैदान, पीएमसीएच, अशोक राजपथ, सगुना मोड़, अनीसाबाद और बेली रोड जैसी जगहों पर प्रतिदिन पड़ने वाले अत्यधिक यातायात दबाव पर गहन मंथन किया गया। साथ ही, सड़क दुर्घटनाओं की गंभीरता को लेकर भी चर्चा की गई।

इस दौरान पटना शहर के लिए ट्रैफ़िक मैनेजमेंट और समाधानों पर प्रो. पी. के. सिकदर और श्री वेंकटा चुंदुरू के द्वारा ‘Arcadis’ द्वारा तैयार तकनीकी ड्राफ्ट “Mission Sugam Patna: ASTraM and SOS” का प्रस्तुतीकरण किया किया गया। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा एनालिटिक्स और एकीकृत प्लेटफॉर्म के माध्यम से पटना की यातायात समस्याओं के स्थायी व तकनीक-आधारित समाधानों पर विस्तृत चर्चा की गई।

कार्यक्रम में पटना के एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) के मौजूदा बुनियादी ढांचे अधिकतम लाभ उठाते हुए एक इंटेलिजेंस लेयर लागू करने का प्रस्ताव रखा गया। इस मौके पर कई महत्वर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई।
एआई-संचालित मॉडल के माध्यम से 30-60 मिनट पहले ही संभावित ट्रैफिक जाम का पूर्वानुमान लगाकर सिग्नल और डायवर्जन को स्वचालित रूप से समायोजित करना। ई-रिक्शा और ऑटो के लिए जियोफेंसिंग, वर्चुअल स्टैंड और शेड्यूलिंग के जरिए स्टेशन-क्षेत्रों और बाजरों में अनियंत्रित ठहराव को नियंत्रित करना। पटना मेट्रो स्टेशनों के आसपास होने वाली भीड़ और ड्रॉप-ऑफ को सुचारू रूप से प्रबंधित करना। ट्रैफिक नियंत्रण के लिए तैनात जवानों का अटेंडेंस मॉनीटरिंग सिस्टम।

दुर्घटना की स्वचालित AI पहचान, निकटतम एम्बुलेंस को अलर्ट और ‘ग्रीन कॉरिडोर’ प्राथमिकता के जरिए पीड़ित को 10 मिनट के भीतर अस्पताल पहुँचाने की व्यवस्था करना। सड़क के किनारों पर अनधिकृत पार्किंग और अतिक्रमण को चिन्हित कर सड़क की प्रभावी चौड़ाई बढ़ाना। बारिश और जलजमाव के दौरान प्रभावित मार्गों की अग्रिम सूचना देकर ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्गों पर मोड़ना ताकि आपातकालीन सेवाएँ प्रभावित न हों।पटना एवं राज्य के प्रमुख शहरी क्षेत्रों में यातायात दबाव कम करने हेतु ठोस एवं क्रियान्वयन योग्य कार्ययोजना तैयार की जाए।

इस मौके पर बीएसआरडीसीएल (BSRDCL) के प्रबंध निदेशक, पटना नगर आयुक्त, यातायात पुलिस अधीक्षक (Traffic SP), बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड (BRPNNL) के प्रबंध निदेशक, जिला प्रशासन, यातायात पुलिस एवं वरीय अधिकारियों की उपस्थिति रहीं। इसके उपरान्त प्रो. पी. के. सिकदर सहित अन्य अधिकारियों ने पथ निर्माण विभाग स्थित इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर का जायजा लिया और मौजूद अधिकारियों एवं अभियन्ताओं से कार्यप्रणाली की जानकारी ली।

Share This Article