NEWS PR डेस्क: गया जिले में सड़क पर महीनों से जमा पानी और जल निकासी की बदहाल व्यवस्था के खिलाफ ग्रामीणों ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। टेकारी-कुर्था मार्ग पर चित्तौखर के समीप स्टेट हाईवे-69 पर जलजमाव से परेशान लोगों ने सड़क पर भरे पानी को व्यंग्यात्मक रूप से ‘गया-पटना राष्ट्रीय राजमार्ग 69’ का नाम दे दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने फीता काटकर इस ‘जलमार्ग’ का उद्घाटन किया और प्रशासन की अनदेखी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
ग्रामीण दीपक यादव बने विधायक, पानी के बीच नारियल फोड़कर किया उद्घाटन
विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थानीय निवासी दीपक यादव को सांकेतिक रूप से विधायक की भूमिका दी गई। इसके बाद उन्होंने सड़क पर जमा पानी के बीच नारियल फोड़ा, अगरबत्ती दिखाई और फीता काटकर ‘गया-पटना राष्ट्रीय राजमार्ग 69’ का उद्घाटन किया। ग्रामीणों ने इस पूरे आयोजन के जरिए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का ध्यान सड़क की बदहाली की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया।
प्रदर्शन में महिलाएं भी शामिल रहीं। ग्रामीणों ने हाथों में पोस्टर लेकर सड़क की खराब स्थिति और जलजमाव के खिलाफ आवाज उठाई। इस दौरान विरोध का अंदाज और भी अनोखा हो गया, जब लोगों के बीच प्रसाद के रूप में टमाटर और मिर्च बांटे गए।
शिकायतों के बावजूद नहीं हुआ स्थायी समाधान
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर जलजमाव की समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण सड़क का एक बड़ा हिस्सा तालाब में तब्दील हो चुका है।

ग्रामीणों के अनुसार, सड़क पर लगातार पानी जमा रहने से आवागमन बुरी तरह प्रभावित है। पानी के अंदर सड़क के गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे वाहन चालकों को काफी परेशानी होती है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए स्थिति और भी जोखिमपूर्ण बनी हुई है। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
जल निकासी और सड़क मरम्मत की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द जल निकासी की समुचित व्यवस्था कराने की मांग की है। इसके साथ ही सड़क की मरम्मत और गड्ढों को भरने की भी अपील की गई है। लोगों का कहना है कि सड़क का इस्तेमाल आसपास के गांवों के लोग रोजाना आवागमन के लिए करते हैं, लेकिन लंबे समय से पानी जमा रहने के कारण उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आगे भी आंदोलन करने को मजबूर होंगे। प्रदर्शन के माध्यम से लोगों ने यह संदेश देने की कोशिश की कि महीनों से चली आ रही समस्या अब सिर्फ परेशानी नहीं, बल्कि सुरक्षा का गंभीर मुद्दा बन चुकी है।
गया से रिपोर्टर: आशीष कुमार