UCC पर जीतन राम मांझी का खुला समर्थन, NDA में मतभेदों के बीच कही ये बात

Rashmi Tiwari

NEWS PR डेस्क: बिहार में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के घटक दलों के बीच अलग-अलग विचार सामने आने के बीच केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने UCC का खुलकर समर्थन किया है। मांझी ने कहा कि समान नागरिक संहिता संविधान की भावना के अनुरूप है और इसके लागू किए जाने की दिशा में सभी को सहयोग करना चाहिए।

अनुच्छेद 44 का दिया हवाला
जीतन राम मांझी ने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 में समान नागरिक संहिता का प्रावधान है। यह राज्य के नीति-निर्देशक तत्वों का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि जनहित में संविधान की भावना का सम्मान करना सभी का दायित्व है। मांझी के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट भी समय-समय पर अपनी टिप्पणियों में समान नागरिक संहिता के मुद्दे का उल्लेख करता रहा है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान का भी स्वागत किया, जिसमें 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले NDA शासित राज्यों में UCC लागू करने की बात कही गई है।
NDA नेताओं से सहयोग की अपील
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि संविधान के अनुरूप अपने अधिकार प्राप्त करने वाले लोगों को देश में UCC लागू करने की दिशा में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि UCC के लिए समय-सीमा तय किए जाने का विरोध और हंगामा NDA की भावना के अनुरूप नहीं है।
बिहार में राजनीतिक स्थिरता पर जोर
बिहार की राजनीतिक स्थिति पर मांझी ने कहा कि राज्य सरकार विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में लगी है। ऐसे समय में राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने के प्रयास विकास में बाधा नहीं बनने चाहिए। उन्होंने हालिया BRICS सम्मेलन का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी भूमिका मजबूत कर रहा है। मांझी ने राजनीतिक दलों और नेताओं से बिहार के विकास के लिए मतभेदों से ऊपर उठकर काम करने की अपील की। साथ ही उन्होंने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में योगदान देने की बात कही।

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