NEWS PR डेस्क:बिहार के खान एवं भूतत्व विभाग ने ईंट कारोबारियों के बकाये को लेकर बड़ा फैसला लिया है। विभागीय मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता कर विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों और नई व्यवस्थाओं की जानकारी दी।
ईंट कारोबारियों को OTS का मौका
मंत्री ने बताया कि ईंट कारोबारियों पर लंबे समय से सरकार की राशि बकाया थी। कारोबारियों की मांग को देखते हुए पिछली कैबिनेट बैठक में वन टाइम सेटलमेंट (OTS) का प्रावधान किया गया है। इस योजना के तहत संबंधित ईंट कारोबारी ब्याज की राशि को छोड़कर मूल बकाया रकम एकमुश्त जमा कर सकेंगे। सरकार ने OTS का लाभ लेने के लिए 21 सितंबर 2026 से 20 दिसंबर 2026 तक की अवधि तय की है।
तय समय में भुगतान नहीं तो ब्याज समेत होगी वसूली
मंत्री के अनुसार, निर्धारित अवधि के भीतर बकाया राशि जमा नहीं करने वाले ईंट कारोबारियों से आगे ब्याज समेत पूरी बकाया राशि की वसूली की जाएगी। सरकार को इस वन टाइम सेटलमेंट योजना के जरिए करीब 289.38 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है।
DMF फंड के इस्तेमाल का बदला अनुपात
प्रमोद कुमार ने जिला खनिज फाउंडेशन (DMF) की राशि के इस्तेमाल को लेकर भी नई व्यवस्था की जानकारी दी। पहले DMF की राशि में से 60 प्रतिशत राशि जिले के विभिन्न प्रखंडों में और 40 प्रतिशत राशि खनन प्रभावित क्षेत्रों में खर्च की जाती थी। अब इस अनुपात में बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था के तहत 70 प्रतिशत राशि जिले के विभिन्न प्रखंडों में, जबकि 30 प्रतिशत राशि खनन प्रभावित क्षेत्रों में खर्च की जाएगी। मंत्री ने कहा कि DMF की राशि के इस्तेमाल में बदलाव का उद्देश्य खनिज से प्राप्त राजस्व का जिले में व्यापक स्तर पर उपयोग सुनिश्चित करना है। नई व्यवस्था के जरिए विकास कार्यों में इस राशि की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया है।