NEWS PR डेस्क : भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि जांच में पुलिस की चूक सामने आने के बाद संबंधित दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। शुक्रवार को एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने मामले में गठित न्यायिक कमेटी की रिपोर्ट का हवाला देते हुए यह जानकारी दी।
48 घंटे के भीतर गठित हुई थी न्यायिक कमेटी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मुताबिक, घटना के 48 घंटे के भीतर न्यायिक कमेटी का गठन कर दिया गया था। जांच में पुलिस की चूक सामने आने के बाद प्रारंभिक अनुशंसा के आधार पर संबंधित दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि कानून का राज ही सुशासन का मूल मंत्र है और सरकार इसी सिद्धांत के आधार पर काम कर रही है।
अपराधी किसी भी जाति या धर्म का हो, कार्रवाई होगी
सम्राट चौधरी ने कहा कि अपराधी किसी भी जाति, वर्ग या धर्म से संबंधित हो, कानून से ऊपर नहीं हो सकता। सरकार का प्रयास है कि आपराधिक मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिले। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था के मामले में सरकार किसी तरह का भेदभाव नहीं करेगी।
17 जून को पुलिस मुठभेड़ में हुई थी भरत तिवारी की मौत
भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव निवासी 26 वर्षीय समाजसेवी भरत भूषण तिवारी की 17 जून 2026 को पुलिस मुठभेड़ में मौत हुई थी। घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश देखा गया और पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठे।
ग्रामीणों की ओर से आरोप लगाया गया था कि पुलिस के आश्वासन पर भरत तिवारी ने आत्मसमर्पण किया था, लेकिन इसके बावजूद पुलिसकर्मियों ने उन पर गोली चला दी। वहीं, पुलिस का दावा था कि भरत तिवारी को समझाने का प्रयास किया गया था, लेकिन उन्होंने पिस्टल निकाल ली। इसके बाद पुलिस की ओर से कार्रवाई की गई।
वीडियो सामने आने के बाद बढ़ा विवाद
घटना से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला और चर्चा में आया। इसके बाद सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल उठे। बिहार सरकार ने मामले की स्वतंत्र न्यायिक जांच कराने का फैसला लिया। सरकार की ओर से हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अगुवाई में जांच कराने की घोषणा की गई थी। अब मुख्यमंत्री ने जांच में पुलिस की चूक सामने आने और संबंधित दोषियों पर कार्रवाई किए जाने की बात कही है।