NEWS PR डेस्क:जमुई: कानून का डर और समाज की संवेदनशीलता… किसी भी सभ्य समाज की सबसे मजबूत बुनियाद मानी जाती है लेकिन बिहार के जमुई से सामने आई एक घटना ने इन दोनों पर ही गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं यहां नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ कथित बदसलूकी का मामला सामने आया है। हैरानी की बात ये है कि इस पूरी घटना का वीडियो भी बनाया गया और बाद में सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया।
बता दें कि 19 सितंबर की शाम जमुई सदर थाना क्षेत्र में स्कूटी से घर लौट रहे एक नाबालिग छात्र और छात्रा को 6-7 युवकों ने रास्ते में रोक लिया। आरोप है कि युवकों ने दोनों के साथ गाली-गलौज और बदसलूकी की। इस दौरान नाबालिग छात्रा के साथ अनुचित तरीके से छूने का भी आरोप लगाया गया है। घटना के दौरान आरोपितों ने कथित तौर पर पूरी घटना का वीडियो भी बनाया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी।
वायरल वीडियो से पुलिस ने शुरू की जांच
पीड़ित पक्ष की ओर से तत्काल लिखित शिकायत नहीं मिलने के बावजूद पुलिस ने वायरल वीडियो की तकनीकी जांच शुरू की। साइबर सेल और अन्य माध्यमों की सहायता से पुलिस ने दोनों नाबालिगों की पहचान की और उनके घर पहुंचकर उनका बयान दर्ज किया। इसके बाद जमुई सदर थाने में POCSO Act और BNS की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
6-7 युवकों की पहचान का दावा
पुलिस के अनुसार, वायरल वीडियो के आधार पर घटना में शामिल युवकों की पहचान की गई है। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि वीडियो किसने बनाया और उसे सोशल मीडिया पर किस उद्देश्य से प्रसारित किया। जांच के आधार पर मामले में साइबर अपराध से संबंधित धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।
नाबालिगों की पहचान गोपनीय रखी गई
जिलाधिकारी नवीन ने कहा कि वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन ने तत्काल मामले का संज्ञान लिया। दोनों नाबालिगों का पक्ष जाना गया है और प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। उन्होंने कहा कि नाबालिगों की निजता का पूरा ध्यान रखते हुए आरोपितों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।