NEWS PR डेस्क:पटना: बिहार में बड़ी विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और उनके क्रियान्वयन में तेजी लाने को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को ‘बिहार गति’ के तहत समीक्षा बैठक की। बैठक में 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं के साथ केंद्र प्रायोजित और राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में पथ निर्माण, जल संसाधन, उद्योग और समाज कल्याण विभाग की योजनाओं की अद्यतन स्थिति मुख्यमंत्री के सामने रखी गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग, विभागों के बीच बेहतर समन्वय और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
40 किलोमीटर सड़क को फोरलेन करने की तैयारी
सुल्तानगंज-तारापुर-संग्रामपुर-बेलहर-कटोरिया-चंदन दर्दमारा सड़क की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने 0 से 40 किलोमीटर हिस्से को फोरलेन बनाने के लिए विस्तृत योजना तैयार करने को कहा। साथ ही बेलहर से दर्दमारा तक फोरलेन सड़क निर्माण की दिशा में भी तेजी से कार्रवाई के निर्देश दिए।
गया IMC से 20 हजार करोड़ के निवेश की उम्मीद
औद्योगिक परियोजनाओं की समीक्षा में अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (AKIC) के तहत गया में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) के शुभारंभ की तैयारियों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में इसके शुभारंभ की तैयारी पूरी करने को कहा। सरकार के अनुसार, IMC शुरू होने से बिहार में करीब 20 हजार करोड़ रुपये का निवेश आने की उम्मीद है।
पेयजल, सिंचाई और सौर ऊर्जा पर भी फोकस
औरंगाबाद, सासाराम और डेहरी की पेयजल योजना में सोन नदी के सतही जल के उपयोग की समीक्षा हुई। वहीं जयनगर में कमला नदी पर प्रस्तावित बैराज के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। दक्षिण बिहार की नहरों और तटबंधों के सोलराइजेशन की संभावनाओं का अध्ययन करने को भी कहा गया।
इसके अलावा समाज कल्याण विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने आंगनवाड़ी कर्मियों के लंबित मानदेय का भुगतान दुर्गा पूजा से पहले सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विकास योजनाओं में गति, गुणवत्ता और समय-सीमा—तीनों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘बिहार गति’ के तहत 100 करोड़ रूपये से अधिक की परियोजनाएं राज्य के विकास और आधारभूत संरचना को मजबूत करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। इन परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन से राज्य में सड़क, पेयजल, सिंचाई, औद्योगिक विकास, ऊर्जा तथा सामाजिक क्षेत्र की सुविधाओं को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी विभाग अपनी-अपनी महत्वपूर्ण परियोजनाओं की नियमित समीक्षा एवं मॉनिटरिंग करें।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर, पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार, ऊर्जा विभाग के सचिव अजय यादव, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह, समाज कल्याण विभाग के सचिव विनोद सिंह गुंजियाल, खेल विभाग के सचिव दीपक आनंद, जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ० चन्द्रशेखर सिंह, बियाडा के प्रबंध निदेशक नवीन कुमार सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।