NEWS PR डेस्क:पटना: सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था और बच्चों को मिल रही सुविधाओं का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शनिवार को दानापुर के बाटागंज स्थित राजकीय मध्य विद्यालय रामजीचक पहुंचे। विद्यालय में आयोजित अभिभावक-शिक्षक बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों से सीधे बातचीत की। उन्होंने बच्चों से पढ़ाई में आने वाली परेशानियों, स्कूल की सुविधाओं और उनकी जरूरतों के बारे में जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने विद्यालय के अलग-अलग कक्षों का निरीक्षण किया और शैक्षणिक गतिविधियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बच्चों की ओर से तैयार की गई पेंटिंग भी देखी और उनकी रचनात्मक प्रतिभा की सराहना की। बच्चों ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी बातें और सुझाव भी रखे। कार्यक्रम में सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के अलावा शिक्षक, अभिभावक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
बच्चों की पेंटिंग में दिखी उनकी कल्पना
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि बिहार के प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में बच्चों को चित्रकला समेत विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। इसका उद्देश्य बच्चों की प्रतिभा को पहचानना और उनकी कल्पनाओं को मंच देना है। उन्होंने बताया कि विद्यालय स्तर पर तैयार की गई बेहतर पेंटिंग को जिला स्तर पर प्रदर्शित किया जाएगा। 10 अक्टूबर को बेहतर चित्रकारी करने वाले बच्चों को प्रोत्साहित और सम्मानित किया जाएगा।
एक सप्ताह में कमियां दूर करने का प्रयास
शिक्षा मंत्री ने कहा कि बच्चों और अभिभावकों से संवाद के दौरान कई उपयोगी सुझाव मिले हैं। शिक्षकों से भी अलग से बातचीत की गई। निरीक्षण में सामने आई कमियों को एक सप्ताह के भीतर दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
वहीं, सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री का बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों से सीधा संवाद स्कूलों की वास्तविक स्थिति समझने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि सामने आने वाली कमियों को दूर कर सरकारी विद्यालयों में शिक्षा का माहौल और बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में बच्चों और अभिभावकों में उत्साह देखने को मिला। बच्चों ने अपनी पेंटिंग और विचार मुख्यमंत्री के सामने रखे, जबकि अभिभावकों ने स्कूल की व्यवस्था को लेकर सुझाव दिए।दानापुर से पशुपतिनाथ शर्मा की रिपोर्ट