गयाजी में शुरू हुई ‘विष्णु रसोई’, पितृपक्ष में श्रद्धालुओं को मिलेगा निःशुल्क भोजन

Rashmi Tiwari

पटना/गयाजी: महावीर स्थान न्यास समिति, पटना की ओर से अयोध्या में राम रसोई, सीतामढ़ी में सीता रसोई के बाद अब गयाजी में विष्णु रसोई की शुरूआत की गई है। इससे पितृपक्ष में पींडदान या फिर पूजा-पाठ करने गयाजी आने वाले श्रद्धालुओं को सहूलियत हो जाएगी। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को भोजन के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। मंदिर से पूजा करके के आने के बाद पास में ही शुद्ध भोजन परोसा जाएगा। महावीर मंदिर ने पितृपक्ष के मौके पर गया जी में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए लगातार दूसरे वर्ष ‘विष्णु रसोई’ का आयोजन किया है। इस वर्ष यह सेवा 25 सितंबर 2026 से 10 अक्टूबर 2026 तक चलेगी। गयाजी में विष्णु रसोई का उद्घाटन हो गया। उद्घाटन महावीर स्थान न्यास समिति के सचिव सायण कुणाल ने किया।उद्घाटन के मौके पर सांसद शांभवी चौधरी,बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के सदस्य और महावीर स्थान न्यास समिति के सचिव सायण कुणाल, जिला के डीएम शशांक शुभंकर समेत अन्य सरकार और मंदिर के पदाधिकारी और करम्चारी मौजूद थे। भोजन की व्यवस्था विष्णुपद मंदिर के नजदीक किया गया है। जिससे पूजा पाठ कर लौट रहे बाहर से आने वाले पींडदानी या फिर श्रद्धालुओं को भोजन के लिए भटकना नहीं पड़ेगया जी में पितृपक्ष के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने पूर्वजों के पिंडदान के लिए पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की सेवा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए महावीर स्थान न्यास समिति द्वारा उन्हें निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था बीते वर्ष की गई है।इस सेवा की शुरुआत वर्ष 2025 में पद्मश्री आचार्य किशोर कुणाल की स्मृति में की गई थी। महावीर स्थान न्यास समिति के सचिव सायण कुणाल का मानना है कि सेवा, श्रद्धा और मानव कल्याण भारतीय सनातन परंपरा के मूल आधार हैं। पितृपक्ष जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर पर श्रद्धालुओं की सेवा करना भी पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और सामाजिक दायित्व का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।समिति की ओर से इस वर्ष भी ‘विष्णु रसोई’ में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुव्यवस्थित एवं निःशुल्क भोजन की व्यवस्था की गई है। जहां कोई भी निःशल्क भोजन कर सकता है। समिति ने पितृपक्ष में गया जी आने वाले सभी श्रद्धालुओं से इस सेवा का लाभ उठाने का आग्रह किया है।

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