NEWS PR डेस्क : पटना: बिहार में आपात स्थिति में पुलिस तक पहुंचना अब और तेज और प्रभावी बनाने की तैयारी है। Dial 112 की निगरानी व्यवस्था को जिला स्तर पर मजबूत किया जा रहा है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद किसी जिले में Dial 112 पर वारदात या आपात स्थिति की सूचना मिलते ही संबंधित SP और SDPO को भी तत्काल अलर्ट मिल सकेगा। इसके लिए ERSS यानी इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम के तहत अधिकारियों को टैब उपलब्ध कराने के साथ सर्वर सिस्टम तैयार किया जा रहा है।
फिलहाल Dial 112 पर सूचना मिलने के बाद शिकायतकर्ता की लोकेशन के आधार पर सबसे नजदीकी 112 वाहन को घटनास्थल के लिए टैग किया जाता है। सूचना संबंधित वाहन और थानाध्यक्ष तक पहुंचती है। नई व्यवस्था में यही जानकारी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तक भी पहुंचेगी।
SP अपने जिले में तैनात सभी 112 वाहनों की लोकेशन पर नजर रख सकेंगे। इससे यह पता चल सकेगा कि कौन-सा वाहन कहां मौजूद है और सूचना मिलने के बाद घटनास्थल के लिए रवाना हुआ या नहीं। किसी वाहन के समय पर मौके पर नहीं पहुंचने या तकनीकी परेशानी होने पर अधिकारी तत्काल हस्तक्षेप कर सकेंगे।
हर जिले में बनेगा Dial 112 समन्वय केंद्र
सभी जिलों में Dial 112 जिला समन्वय केंद्र खोलने की तैयारी है। यहां डीएसपी रैंक के अधिकारी तैनात होंगे, जो आपात सूचनाओं और पुलिस वाहनों की कार्रवाई की निगरानी करेंगे। ERSS के लिए अलग पुलिस बल बनाने का भी प्रस्ताव है। इसमें 40 डीएसपी, 6,000 इंस्पेक्टर एवं एएसआई, 17,000 सिपाही और 5,500 चालकों की मांग शामिल है।
इसके अलावा सरकारी बसों के पैनिक बटन को Dial 112 से जोड़ने की योजना है। पैनिक बटन दबते ही बस की लोकेशन और अलर्ट सीधे पुलिस सिस्टम तक पहुंच सकेगा। सड़क परिवहन की 1033 और रेलवे की 139 हेल्पलाइन को भी Dial 112 से जोड़ने की तैयारी है। स्कूल-कॉलेज और महिलाओं की अधिक आवाजाही वाले स्थानों पर तैनात पुलिस दीदी को भी इस सिस्टम से जोड़ने की योजना है।
नई व्यवस्था का मकसद अलग-अलग माध्यमों से मिलने वाली आपात सूचनाओं को एकीकृत कर पुलिस की प्रतिक्रिया को ज्यादा तेज और प्रभावी बनाना है।