जमुई सदर अस्पताल में प्रसव के दौरान करीब छह घंटे के अंतराल में दो प्रसूताओं की मौत का मामला सामने आया है। दोनों मामलों में परिजनों ने ड्यूटी पर तैनात महिला चिकित्सक पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। एक प्रसूता की प्रसव से पहले मौत हुई, जबकि दूसरी ने ऑपरेशन के करीब 14 घंटे बाद दम तोड़ दिया। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल के मुख्य द्वार पर शव रखकर प्रदर्शन किया और दोषी चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पहला मामला खैरा थाना क्षेत्र के नरियाना गांव का है। यहां के सुजीत कुमार की 28 वर्षीय पत्नी अनिता कुमारी को शनिवार की रात प्रसव पीड़ा होने पर पहले खैरा स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां से बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर किया गया। परिजनों के अनुसार रात करीब 11 बजे अनिता को सदर अस्पताल लाया गया, लेकिन प्रसव कक्ष में महिला चिकित्सक मौजूद नहीं थीं। रातभर उसकी हालत बिगड़ती रही और रविवार सुबह करीब पांच बजे उसकी मौत हो गई। सुजीत कुमार ने बताया कि सुबह करीब छह बजे डॉ. शालिनी सदर अस्पताल पहुंचीं। अनिता का यह तीसरा प्रसव था। उसके पहले एक बेटी और एक बेटा है।
दूसरा मामला खैरा थाना क्षेत्र के चौहानडीह गांव का है। स्व. रतन सिंह की 26 वर्षीय पत्नी आस्था कुमारी को शनिवार को प्रसव के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। ऑपरेशन के बाद उसने एक बेटे को जन्म दिया। परिजनों के अनुसार ऑपरेशन के बाद उसकी हालत सामान्य थी, लेकिन रात करीब 12 बजे अचानक तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन महिला चिकित्सक के ड्यूटी रूम में पहुंचे तो चिकित्सक वहां मौजूद नहीं थीं। इसके बाद इमरजेंसी चिकित्सक से इलाज की गुहार लगाई गई। दवा मिलने के बाद कुछ समय के लिए स्थिति में सुधार हुआ, लेकिन रविवार सुबह फिर तबीयत बिगड़ी और करीब 10 बजे उसकी मौत हो गई।
परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद चिकित्सक ने समय पर मरीज की जांच नहीं की। सुबह खून चढ़ाने की बात कही गई, जिसके बाद परिजन खून की व्यवस्था में जुटे थे, इसी दौरान आस्था की मौत हो गई। करीब चार माह पहले ही सड़क हादसे में उसके पति की मौत हो चुकी थी। अब नवजात बेटे के सिर से भी मां का साया उठ गया।
मृतका के भाई विश्वजीत कुमार ने आरोप लगाया कि डॉ. शालिनी को फोन करने पर उन्होंने कहा कि स्थिति गंभीर होने पर ही वह आएंगी। परिजनों ने इसे अस्पताल की लचर व्यवस्था बताते हुए कार्रवाई की मांग की।
मामले की जानकारी मिलने पर जमुई अंचल अधिकारी सौरभ कुमार सदर अस्पताल पहुंचे और अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. थनीष कुमार से घटना की जानकारी ली। उन्होंने रात की ड्यूटी में तैनात डॉक्टरों और नर्सों की सूची उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने परिजनों को समझाकर अस्पताल गेट से शव हटवाया और हरसंभव सहायता का भरोसा दिया।
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. थनीष कुमार ने कहा कि मामले की जानकारी मिली है और जांच की जा रही है। ड्यूटी से अनुपस्थित रहने की पुष्टि होने पर संबंधित महिला चिकित्सक के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
जमुई से हसनैन खान की रिपोर्ट ;-