NEWS PR डेस्क: बिहार के निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना की मुख्यालय टीम ने गुरुवार को वैशाली जिले के पटेढ़ी बेलसर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. कामिनी प्रसाद और डाटा एंट्री ऑपरेटर हिमांशु कुमार को 8,600 रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों को स्वास्थ्य केंद्र स्थित कार्यालय कक्ष से गिरफ्तार किया गया।
बकाया भुगतान के एवज में मांगी जा रही थी रिश्वत
मामले में परिवादी जयपाल सिंह, जो आयुष्मान आरोग्य मंदिर, पटेढ़ी बेलसर में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं, ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत के अनुसार, मार्च 2024 के इंसेंटिव, अप्रैल 2025 से अगस्त 2025 तक के बकाया 16,200 रुपये, सितंबर 2025 से सितंबर 2026 तक के इंसेंटिव के 96,000 रुपये तथा इसी अवधि के मोबाइल रिचार्ज और ट्रांसपोर्टेशन के 9,600 रुपये सहित कुल 1,29,800 रुपये के भुगतान के एवज में रिश्वत की मांग की जा रही थी।
सत्यापन के बाद गठित की गई धावादल टीम
निगरानी ब्यूरो ने शिकायत का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि होने के बाद निगरानी थाना कांड संख्या 119/26, दिनांक 08 अक्टूबर 2026 को दर्ज किया गया। अनुसंधानकर्ता पुलिस निरीक्षक आदित्य अंशु के अनुरोध पर पुलिस उपाधीक्षक वासुदेव राय के नेतृत्व में धावादल का गठन किया गया। टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों नामजद आरोपियों को कथित तौर पर 8,600 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
विशेष न्यायालय में किया जाएगा पेश
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के उपरांत उन्हें विशेष न्यायालय, निगरानी, मुजफ्फरपुर में प्रस्तुत किया जाएगा। मामले में आगे की अनुसंधानात्मक कार्रवाई जारी है।
वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के खिलाफ 119वां मामला
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के विरुद्ध यह 119वां प्राथमिकी दर्ज करने का मामला है। इसके अतिरिक्त एक मामला दूसरे जिले से स्थानांतरित होकर आया है। इस प्रकार ब्यूरो कुल 120 मामलों का अनुसंधान कर रहा है।
यह वर्ष 2026 का 109वां ट्रैप कांड बताया गया है। ब्यूरो के अनुसार, इन कार्रवाइयों में अब तक कुल 110 अभियुक्तों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया जा चुका है। रिश्वत के रूप में कुल 38 लाख 17 हजार 400 रुपये बरामद किए गए हैं। इसके अतिरिक्त 37 हजार रुपये मूल्य की एक नई वाशिंग मशीन भी बरामद किए जाने का उल्लेख किया गया है।
पिछले वर्ष 101 ट्रैप कांड किए गए थे दर्ज
ब्यूरो के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2025 में कुल 101 ट्रैप कांड दर्ज किए गए थे। इन मामलों में 37 लाख 80 हजार 300 रुपये की रिश्वत राशि बरामद की गई थी।