NEWS PR डेस्क : बिहार के दानापुर रेलवे स्टेशन पर जीआरपी ने कछुआ तस्करी के बड़े मामले का खुलासा किया है। हावड़ा-अमृतसर एक्सप्रेस की जनरल बोगी में रखे दो थैलों से 36 कछुए बरामद किए गए हैं। इनमें पांच कछुओं की मौत हो चुकी थी, जबकि 31 को सुरक्षित बचा लिया गया। पुलिस की तलाशी के दौरान तस्कर मौके से फरार हो गए। प्रारंभिक जांच में कछुओं को पश्चिम बंगाल के रास्ते चीन भेजे जाने की आशंका जताई गई है।
नेउरा स्टेशन के पास मिला संदिग्ध सामान
जानकारी के मुताबिक, दानापुर रेल मंडल की जीआरपी टीम ट्रेनों में संदिग्ध सामान की जांच कर रही थी। इसी दौरान नेउरा स्टेशन के पास हावड़ा-अमृतसर एक्सप्रेस की जनरल बोगी में शौचालय के समीप रखे दो थैलों पर पुलिस को शक हुआ। जब थैलों को खोलकर तलाशी ली गई तो उसमें बड़ी संख्या में कछुए मिले। पुलिस को देखकर बोगी में मौजूद तस्कर फरार हो गए।
वन विभाग ने कछुओं को लिया कब्जे में
ट्रेन के दानापुर स्टेशन पहुंचने पर सभी कछुओं को जीआरपी कार्यालय लाया गया। इसके बाद वन विभाग को सूचना दी गई। वन विभाग की टीम ने पहुंचकर कछुओं को अपने कब्जे में ले लिया। वन विभाग के स्पेशल पीपी रामकांत तिवारी के अनुसार, शुरुआती जांच में पता चला है कि कछुओं को उत्तर प्रदेश के अमेठी-सुल्तानपुर इलाके से पकड़कर तस्करी के लिए ले जाया जा रहा था।
चीन भेजे जाने की आशंका
जांच में आशंका जताई जा रही है कि इन कछुओं को पश्चिम बंगाल के रास्ते चीन भेजने की तैयारी थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस प्रजाति की काफी मांग बताई जाती है। इनके कथित इस्तेमाल को लेकर दवाइयों और बुलेटप्रूफ जैकेट बनाने की बात भी सामने आई है।
वन विभाग सभी कछुओं को प्राकृतिक आवास में छोड़ने के लिए कानूनी प्रक्रिया पूरी करेगा। वहीं, दानापुर जीआरपी थाना प्रभारी अजय कुमार ने बताया कि अज्ञात तस्करों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। फरार आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
दानापुर से पशुपतिनाथ शर्मा,रिपोर्ट :