बिहार के ग्रामीण इलाकों में रोजगार बढ़ाने और गांवों की तस्वीर बदलने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा निर्देश दिया है। VB-G RAM G मिशन के तहत राज्य में ग्रामीण विकास और रोजगार से जुड़ी 22 हजार करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं को शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि मिशन के तहत अब तक स्वीकृत डेढ़ लाख योजनाओं की संख्या बढ़ाकर 3 लाख की जाए। साथ ही ग्रामीण परिवारों को साल में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी और काम पूरा होने के बाद 15 दिनों के भीतर मजदूरी भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
गुरुवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में पटना स्थित लोक सेवक आवास के ‘संकल्प’ सभागार में VB-G RAM G मिशन की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने, आजीविका को मजबूत करने और गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विकास को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव एच.आर. श्रीनिवास ने मिशन की कार्ययोजना और क्रियान्वयन की जानकारी दी।
आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए मिलेंगे 14 लाख रुपये
मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण और सुविधाओं को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण पर 12 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा दो लाख रुपये केंद्रों की साज-सज्जा, पठन-पाठन सामग्री और फर्नीचर जैसी सुविधाओं पर खर्च होंगे। इस तरह एक केंद्र के लिए कुल 14 लाख रुपये का प्रावधान होगा।
इसके साथ ही जिन स्कूलों में अतिरिक्त कमरों की जरूरत है, वहां नए क्लासरूम बनाए जाएंगे। ग्रामीण हाट, हेल्थ केयर सेंटर और विद्यार्थियों के लिए खेल मैदान के निर्माण को भी प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया है।
चार प्रमुख क्षेत्रों में होगा विकास कार्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि VB-G RAM G मिशन के तहत ग्राम पंचायतों का विकास योजनाबद्ध तरीके से किया जाएगा। इसके लिए जल सुरक्षा, ग्रामीण आधारभूत संरचना, आजीविका संवर्द्धन और आपदा प्रबंधन को चार प्रमुख श्रेणियों में रखा गया है। इन क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार योजनाएं तैयार कर समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया गया है।
जल संरक्षण और वृक्षारोपण पर विशेष जोर
सम्राट चौधरी ने नहरों, जलाशयों और अन्य जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने भू-जल स्तर बनाए रखने के लिए जल संचयन, वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों को तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारियों को इन योजनाओं की नियमित निगरानी करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पारदर्शिता के साथ समय पर पूरा होंगी योजनाएं
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में तकनीक का अधिक से अधिक इस्तेमाल किया जाए। सामाजिक अंकेक्षण की व्यवस्था मजबूत करने और लोगों की शिकायतों का त्वरित निपटारा करने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करें, ताकि गांवों में बुनियादी सुविधाएं समय पर उपलब्ध हो सकें।
बैठक में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, बिजेन्द्र प्रसाद यादव, भवन निर्माण मंत्री लेशी सिंह समेत विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ग्रामीण रोजगार, आजीविका और बुनियादी ढांचे का विकास सरकार की प्राथमिकता है। इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण परिवारों के जीवन स्तर में सुधार और विकसित बिहार के संकल्प को मजबूती मिलेगी।