बिहार की राजधानी पटना में केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र यादव ने कांग्रेस समेत विपक्षी दलों पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष लोकतंत्र के नाम पर देश में भ्रम और अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहा है। पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भूपेंद्र यादव ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR का बचाव करते हुए कहा कि यह कोई राजनीतिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक सामान्य संवैधानिक प्रक्रिया है। विपक्ष को इस पर भ्रम फैलाने के बजाय जनता के सामने तथ्य रखने चाहिए।
इस प्रेस वार्ता में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, बिहार सरकार के मंत्री रामचंद्र प्रसाद, प्रदेश महामंत्री डॉ. प्रीति शेखर, मीडिया संयोजक दानिश इकबाल और पार्टी प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल भी मौजूद रहे।
भूपेंद्र यादव ने कहा कि बिहार लोकतंत्र की ऐतिहासिक धरती रही है। जब कांग्रेस ने देश में आपातकाल लगाकर लोकतंत्र को कुचलने का प्रयास किया था, तब जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में बिहार से ही लोकतंत्र की रक्षा का आंदोलन शुरू हुआ था। उन्होंने कहा कि भाजपा का लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ अभियान इसी लोकतांत्रिक परंपरा को मजबूत करने के लिए चलाया जा रहा है।
SIR को लेकर विपक्ष पर लगाए आरोप
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 324 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत निर्वाचन आयोग को मतदाता सूची के पुनरीक्षण का अधिकार प्राप्त है। इसका उद्देश्य मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित और दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाताओं के नामों को दुरुस्त करना है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 1950 से 2024 तक आठ बार गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
उन्होंने बताया कि बिहार में करीब 7.89 करोड़ मतदाताओं का घर-घर जाकर सत्यापन किया गया। राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों को भी प्रारूप मतदाता सूची उपलब्ध कराई गई थी। भूपेंद्र यादव ने दावा किया कि करीब 1.60 लाख बीएलए के बावजूद केवल दो आपत्तियां दर्ज कराई गईं।
उन्होंने कांग्रेस के 89 लाख मतदाताओं के नाम काटे जाने के दावे पर भी सवाल उठाए और कहा कि अगर विपक्ष को वास्तविक आपत्ति थी तो उसे निर्वाचन आयोग के सामने संवैधानिक प्रक्रिया के तहत शिकायत दर्ज करानी चाहिए थी।
चुनावी हार के लिए EVM और SIR को ठहराते हैं जिम्मेदार
भूपेंद्र यादव ने कहा कि विपक्ष चुनाव जीतने पर इसे लोकतंत्र की जीत बताता है, लेकिन हारने पर EVM और SIR पर सवाल उठाने लगता है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का जनता से जुड़ाव कमजोर हुआ है और इसी वजह से चुनावी हार का ठीकरा चुनाव प्रक्रिया पर फोड़ा जाता है।
अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत भारतीय नागरिकता और 18 वर्ष की आयु मतदाता बनने की पात्रता के महत्वपूर्ण आधार हैं। पात्र नागरिकों को मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाएगा।
वहीं, दिल्ली के वायु प्रदूषण पर उन्होंने कहा कि सरकार स्थिति को लेकर गंभीर है और इससे निपटने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं।
अंत में भूपेंद्र यादव ने राहुल गांधी से संसद में आकर चर्चा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सार्थक संवाद जरूरी है। भाजपा लोकतंत्र को भ्रम, झूठ और अराजकता की बलि नहीं चढ़ने देगी।