करोड़ों की लागत से बने जमींदारी बांध को बालू चला कर किया बांध को क्षतिग्रस्त किया जा रहा है नियमों की उड़ रही है धज्जियां

Patna Desk
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NEWSPR DESK- भागलपुर बालू का खबर प्रकाशित होने के बाद भी नहीं लिया जा रहा है संज्ञान निरीक्षण करने आते हैं पदाधिकारी लेकिन नहीं की जाती है कोई कार्रवाई भागलपुर जिले के सन्हौला में बालू माफिया का कहर और जुल्म थमने का नाम ही नहीं ले रहा है।

 

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पदाधिकारी आते हैं और निरीक्षण का खानापूर्ति कर चले जाते हैं, लेकिन बालू माफिया द्वारा किये जा रहे अपराध पर कोई अंकुश नहीं लगा पा रहे हैं, जिससे क्षेत्र के लोगों में काफी निराशा है।

 

जानकारी के मुताविक सन्हौला थाना क्षेत्र स्थित बन्दोंबस्त बालू घाट यूनिट एक के बन्दोंवस्तधारी मेसर्स कुणाल इंटरप्राइजेज भागलपुर द्वारा मनमाने ढंग से गेरूआ नदी से बालू का उठाव किया जा रहा है। बालू माफिया के डर से नाम नहीं छापने के शर्त पर कई ग्रामीणों ने बताया कि बालू संवेदक द्वारा रसलपुर से वैसा तक बाढ़ से बचाव हेतु गेरूआ नदी के किनारे करोड़ों रूपये की लागत से बनाए गए ।

 

सुरक्षात्मक जमींदारी बांध को कई जगहों पर जेसीवी से काटकर क्षतिग्रस्त कर दिया गया है, जिससे क्षेत्र में बाढ़ का संकट मंडराने लगा है। ग्रामीणों ने दबे जुबान से बताया कि गेरूआ नदी बांध के किनारे गुजर-वसर कर रहे गोविंदपुर, करहरिया, पोठिया, विश्वासपुर, महियामा, अमडीहा, नगदाहा, बनियाडीह, तेलवारा सहित दर्जनों गांव के लोगों को गेरूआ नदी से आने वाले बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।

 

माफिया द्वारा तटबंध पर रह रहे कई किसानों के रैयती जमीन को भी काफी नुकसान पहुँचाया जा रहा है। बिना तिरपाल से ढंके बालू वाले ट्रैक्टर के अंधाधुंध व तेज गति से आवागमन के कारण उड़ने वाले धूल फसल को नुकसान करने के साथ-साथ जन जीवन को काफी प्रभावित कर रहा है। कई लोगों का कहना है कि नदी का बालू बंदोबस्त हुआ है ।

 

तो नियमानुसार बालू का खनन करे, जिससे जान माल की भी क्षति नहीं होगी। लेकिन बालू कारोबारी सरकार द्वारा मिले निर्देश की सरेआम धज्जियाँ उड़ाते हुए कारोबार कर रहा है, जिससे आमजन तो प्रभावित हो ही रहा है। साथ ही लाखों रूपये सरकारी राजश्व की क्षति भी प्रतिदिन हो रही है।

 

ग्रामीणों ने बताया कि कई जगहों पर जमींदारी बांध को इस कदर क्षतिग्रस्त कर ट्रैक्टर जाने का रास्ता बना दिया है कि प्रत्येक दिन दुर्घटना होना दिनचर्या बन गया है। इस सम्बन्ध शिकायत मिलने के बाद सन्हौला अंचलाधिकारी व जिला खनन पदाधिकारी ने गेरुआ नदी का निरीक्षण किया लेकिन मामला जस का तस बना हुआ है।

 

इस सम्बन्ध मे भुड़िया-महियामा पंचायत के मुखिया मुन्ना मंडल ने बताया कि गोविंदपुर-रसलपुर से वैसा तक बालू माफिया ने जमींदारी बांध को काट कर क्षतिग्रस्त कर दिया है, जो कही से उचित नहीं है, बालू कारोबारी बालू का धंधा कर यहां से चल जाएंगे, लेकिन प्रखंड एवं पंचायत के दर्जनों गांव के लोग आने वाले समय में बाढ़ से काफी प्रभावित होंगे जिसमें बालू उठने के बाद पानी का रियल नीचे चला जाएगा अभी पानी का लेयर 200 फीट 250 फीट पर मिल जाता है ।

 

लेकिन बालू उठ जाने के बाद पानी का लेयर 500 फीट चल जाएगा जिसमें किसानों को इससे काफी नुकसान हो सकता है और जल संकट भी हो सकता है आप तो जानते ही होंगे जितने भी कार्य किया जाता है बगैर पानी का नहीं होता है चाहे किस की खेती हो या पीने का पानी हो सारा काम पानी से होता है।

 

इसमें ज्यादा नुकसान किसान का होगा जिस तरह से बांध को क्षतिग्रस्त किया जा रहा है आने वाले समय में बाढ़ का खतरा भी हो सकता है जिसमें मुखिया मुन्ना मंडल ने यह भी बताया कि बालू घाट मलिक नियमावली के अनुसार नहीं चल रहे हैं मनमानी ढंग से चल रहे हैं ।

 

भविष्य मे पंचायत के लोगों को परेशानियों का सामना करना नहीं पड़े इसके लिए हम लोग सोच विचार कर रहे हैं की इसकी लिखित शिकायत जिला पदाधिकारी से करेंगे। खबर को संज्ञान में लेते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कहलगांव ने मोबाइल के माध्यम से खबर को देखा था मोबाइल के माध्यम से बताया कि जांच किया जाएगा उसके बाद विधि अनुरूप कार्रवाई की जाएगी

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