बिहार में सड़क व्यवस्था होगी हाईटेक, AI और मशीन लर्निंग से होगी सड़कों की निगरानी

Rashmi Tiwari

NEWS PR डेस्क : बिहार में सड़क नेटवर्क को मजबूत बनाने और सड़कों की गुणवत्ता लंबे समय तक बरकरार रखने के लिए राज्य सरकार ने बड़ी पहल की है। अब सिर्फ सड़क निर्माण ही नहीं, बल्कि उनके नियमित रखरखाव पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 26 सितंबर 2026 को 10,590.53 करोड़ रुपये की लागत से OPRMC-3 योजना के तीसरे चरण का शुभारंभ किया। इसके तहत वर्ष 2026 से 2033 तक 13 हजार किलोमीटर से अधिक सड़कों का रखरखाव किया जाएगा।

सात साल तक सड़कों की होगी नियमित निगरानी
इस योजना के तहत राज्य उच्च पथों और वृहद जिला पथों के रखरखाव के लिए दीर्घकालीन निष्पादन एवं उपलब्धि आधारित पथ अनुरक्षण संविदा प्रणाली लागू की गई है। पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज पाल ने बताया कि इस व्यवस्था से सड़कों की गुणवत्ता बनाए रखने और समय पर मरम्मत सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि बिहार के किसी भी जिला मुख्यालय से पटना पहुंचने में चार घंटे से अधिक समय नहीं लगे। इसके लिए बेहतर सड़क निर्माण के साथ नियमित रखरखाव को भी प्राथमिकता दी जा रही है। सरकार का मानना है कि बेहतर सड़कें केवल आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि आर्थिक गतिविधियों, व्यापार, रोजगार और विकास की गति को बढ़ाने का आधार भी हैं। सड़कों की स्थिति बेहतर होने से आम नागरिकों, व्यापारियों और किसानों को भी सुविधा मिलेगी
AI और मशीन लर्निंग से होगी सड़कों की निगरानी
OPRMC-3 योजना में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। सड़कों की स्थिति पर नजर रखने और मरम्मत की जरूरत का आकलन करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग आधारित तकनीकों को शामिल किया गया है। इससे रखरखाव की प्रक्रिया अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी।
पहले दो चरणों में भी हुआ काम
पथ अनुरक्षण नीति के तहत पहले चरण (2013-18) में 9,064 किलोमीटर सड़कों पर 2,579.17 करोड़ रुपये खर्च किए गए। वहीं दूसरे चरण (2019-26) में 13,064 किलोमीटर सड़कों का 6,654.77 करोड़ रुपये की लागत से रखरखाव किया गया।
अब तीसरे चरण के लिए 100 पैकेजों के माध्यम से सात वर्षों तक सड़क संधारण की व्यवस्था की गई है। इसके लिए 15,967.03 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
सरकार की इस पहल से आम लोगों, किसानों और कारोबारियों को बेहतर सड़क संपर्क का लाभ मिलने की उम्मीद है। साथ ही सुरक्षित आवागमन, सुगम यातायात और राज्य की आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिल सकती है।

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