NEWS PR डेस्क : भागलपुर एमएलसी चुनाव में कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद बिहार की सियासत गरमा गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से कांग्रेस पर निशाना साधे जाने के बाद अब एनडीए के नेता और मंत्री भी इंडिया गठबंधन पर हमलावर हैं। इसी कड़ी में बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा ने भागलपुर में विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने वोट चोरी और मतदाता सूची से नाम काटे जाने के आरोपों को लेकर विपक्ष से सवाल किए।
SIR को लेकर विपक्ष के आरोपों पर उठाए सवाल
भागलपुर पहुंचे मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि बिहार में एसआईआर (SIR) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद विपक्षी दलों ने भी अपने-अपने बूथ लेवल एजेंट (BLA) नियुक्त किए थे। इन एजेंटों की जिम्मेदारी थी कि यदि किसी वास्तविक मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटाया गया है, तो उसकी जानकारी दें।
मंत्री ने सवाल उठाया कि अब तक किसी ने ऐसे किसी वास्तविक मतदाता का नाम सामने नहीं रखा, जिसका नाम गलत तरीके से काटा गया हो। न ही किसी नेता ने सार्वजनिक रूप से यह दावा किया कि उसका अपना वोट मतदाता सूची से हटा दिया गया है।
संवैधानिक संस्थाओं पर बेवजह संदेह पैदा कर रहा विपक्ष
नीतीश मिश्रा ने आरोप लगाया कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है। यही वजह है कि वह संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ लोगों को दिग्भ्रमित करने और उनके प्रति संदेह पैदा करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हो या विपक्ष के अन्य दल, जब चुनाव परिणाम उनके पक्ष में आता है तो उन्हें सब कुछ सही लगता है, लेकिन हार मिलने पर वोट चोरी और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने लगते हैं।
EVM पर भी विपक्ष को घेरा
मंत्री ने केरल और तमिलनाडु का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां एनडीए की सरकार नहीं बनी, लेकिन विपक्ष ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर वैसी आपत्ति नहीं जताई। उन्होंने कहा कि इसी ईवीएम के माध्यम से वर्ष 2004 और 2009 में यूपीए की सरकार भी बनी थी।
नीतीश मिश्रा ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का फैसला सर्वोपरि है। जनता जिस राजनीतिक दल के साथ होती है, सरकार उसी की बनती है। चुनाव परिणामों को स्वीकार करना चाहिए और बिना ठोस आधार के चुनावी प्रक्रिया पर सवाल नहीं उठाने चाहिए। भागलपुर से श्यामानंद सिंह की रिपोर्ट
भागलपुर MLC चुनाव में कांग्रेस की हार पर मंत्री नीतीश मिश्रा का हमला, बोले- जनता जिसके साथ..सरकार उसकी