मेयर के विरोध में खड़ी हुई उपमेयर, कहा- उन्हें सिर्फ ऐसो आराम और अवैध उगाही से मतलब 

Patna Desk

 

सासाराम-नगर निगम सासाराम में इन दिनों विकास कार्यों के बजाय आरोप प्रत्यारोपों का दौर अपने चरम पर है। एक तरफ जहां मेयर समेत कुछ वार्ड पार्षद नगर आयुक्त पर विकास कार्यों में बाधा पहुंचाने का आरोप लगा रहे हैं वहीं दूसरी ओर नगर आयुक्त के पक्ष में खड़े उपमेयर सहित कुछ वार्ड पार्षद मेयर पर हीं शहर की उपेक्षा का आरोप मढ़ रहे हैं। दरअसल इन आरोप-प्रत्यारोप व हठधर्मिता के बीच शहर के विकास कार्य बुरी तरह प्रभावित हुए हैं और आम जनता को निर्बाध रूप से पेयजल आपूर्ति, नली गली निर्माण, बेहतर साफ-सफाई, कचरा उठाव सहित अन्य सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा है।

बता दें कि नगर आयुक्त के खिलाफ हुए प्रदर्शन के अगले दिन यानी शुक्रवार को उपमेयर सहित कुछ वार्ड पार्षदों ने एक प्रेस वार्ता का आयोजन कर मेयर काजल कुमारी एवं उनके प्रतिनिधि पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उपमेयर सत्यवंती देवी सहित अन्य पार्षदों का कहना है कि मेयर काजल कुमारी विकास विरोधी हैं और उन्हें सिर्फ अपने ऐसो आराम व अवैध उगाही से मतलब है। आज शहर में जल जमाव व पेयजल की समस्या विकट है लेकिन मेयर द्वारा कुछ नहीं किया गया। जब बोर्ड के पहले बैठक में ही वॉटर वैट लगाने का निर्णय लिया गया था तो तत्कालीन नगर आयुक्त के कार्यकाल में हीं निविदा क्यों नहीं आमंत्रित की गई। पार्षदों ने आरोप लगाया कि नगर निगम द्वारा सात निश्चय नाली गली योजना के तहत चयनित योजनाओं का अनुमोदन किया गया था। जिसे मेयर द्वारा रद्द कर दिया गया। वहीं बोर्ड निर्णय के खिलाफ व पार्षद के अनुशंसा बगैर सैकड़ो योजनाओं का चयन किया जाता है और घर बैठकर टेंडर मैनेज कराया जाता है। उन्होंने बताया कि नगर आयुक्त द्वारा नियमानुसार शहर में कई कार्य कराए जा रहे हैं लेकिन निजी लाभ के लिए मेयर द्वारा विकास कार्य बाधित किया जा रहा है। इससे पूर्व बोर्ड की बैठक में सारे पार्षदों के सुझाव को भी नजर अंदाज कर मेयर द्वारा एनजीओ के कार्यकाल को बढ़ाते हुए लाभ पहुंचाया गया तथा बस पड़ाव में 2 माह तक बस मालिकों से 18% जीएसटी की अवैध वसूली की गई। इतना ही नहीं इन्होंने नगर वासियों पर भी टैक्स का अतिरिक्त बोझ लाद दिया है। 12 सदस्यीय कमेटी द्वारा दिए गए निर्णय के विरुद्ध और पूरे बिहार से अलग हटकर नगर वासियों से एक प्रतिशत अतिरिक्त म्यूटेशन शुल्क लेने का निर्णय लिया गया है। जो कहीं से भी न्यायोचित नहीं है। उपमेयर सत्यवंती देवी सहित अन्य पार्षदों का साफ तौर से कहना है कि मेयर काजल कुमारी एवं उनके प्रतिनिधि विकास विरोधी है ना कि नगर आयुक्त। मेयर एवं उनके परिजन नगर आयुक्त व वार्ड पार्षदों पर अपनी धौंस जमा कर नियम विरुद्ध कार्य कराना चाहते हैं, जो संभव नहीं है। प्रेस वार्ता के दौरान उपमेयर सत्यवंती देवी, वार्ड पार्षद-40 किरण जयसवाल, वार्ड पार्षद-39 संजय वर्मा, वार्ड पार्षद-9 दसमातो देवी, वार्ड पार्षद-12 रामाशंकर ठाकुर, वार्ड पार्षद-17 सुकांति सिंह, वार्ड पार्षद-7 अमित कुमार सिंह, वार्ड पार्षद-44 केला देवी, वार्ड पार्षद-23 राजेश कुमार गुप्ता, वार्ड पार्षद-21 गुलशन अफरोज, वार्ड पार्षद-13 सुनीता सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।

Share This Article