राजधानी में 20 वर्षों में 140 पार्कों का हुआ विकास- राजधानी के बेली रोड, कंकड़बाग जैसे प्रमुख क्षत्रों में..

Jyoti Sinha
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पटना, 7 अगस्त- पिछले 20 वर्षों में राजधानी पटना में 140 पार्कों को नए सिरे से विकसित किया गया है। इससे शहर के हरित आवकरण का तेजी से विकास हुआ है। वर्ष 2005 से 2025 के बीच नगर निगम और संबंधित विभागों के सहयोग से शहर में अलग-अलग स्थानों पर कुल 140 पार्कों का निर्माण या इन्हें फिर से विकसित किया गया है।

इसका उद्देश्य शहरी जीवन को न केवल अधिक पर्यावरण अनुकूल बनाना है, बल्कि नागरिकों को एक स्वस्थ और स्वच्छ जीवनशैली प्रदान करना भी है। आम लोगों को रोजाना की व्यस्तता वाली जीवनशैली में सुकून देने वाला हरित सार्वजनिक स्थल की सुविधा प्रदान करना है। वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इन पार्कों का विकास सिर्फ हरियाली बढ़ाने तक सीमित नहीं है। बल्कि, पर्यावरण संरक्षण, शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक मेलजोल को बढ़ावा देने की एक कोशिश है। नई पार्क नीति में बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को ध्यान में रखते हुए कई तरह की विशेष सुविधाओं को जोड़ा जा रहा है।

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पटना के प्रमुख क्षेत्रों जैसे बेली रोड, कंकड़बाग, राजेंद्र नगर, दानापुर और फुलवारी शरीफ में आधुनिक सुविधाओं से युक्त कई नए पार्क बनाए गए हैं। इन पार्कों में वॉकिंग ट्रैक, ओपन जिम, योगा प्लेटफॉर्म, फव्वारे और बच्चों के खेलने के उपकरण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इससे शहर का सौंदर्य भी बढ़ा है। अगले पांच वर्षों में लगभग 50 और नए पार्कों को विकसित करने की योजना है। इन नए पार्कों में सौर ऊर्जा से चलने वाली लाइटिंग, वर्षा जल संचयन और कचरा प्रबंधन की आधुनिक तकनीकें शामिल की जाएंगी। इसके माध्यम से हरित क्षेत्र के साथ-साथ पर्यावरणीय जागरूकता को भी बढ़ावा मिलेगा।

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