50 सालों से तजिया उठा कर घूमाने का काम करता आ रहा है यह हिंदू परिवार जिले में खूब हो रही तारीफ

Patna Desk
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NEWSPR DESK-कैमूर,इस्लाम धर्म के पैगंबर हजरत मोहम्मद के नवासे इमाम हुसैन की शहादत की याद में मनाया जाने वाला मोहर्रम पर्व को पिछले 50 सालों से हिंदू मुस्लिम भाईचारे का मिसाल पेश कर रहा बसंतपुर गांव के राधे प्रसाद जायसवाल, राजवंश जायसवाल, शिव लखन शाह, द्वारा पिछले 50 सालों से मोहर्रम के मौके पर ताजिया बनाते आ रहे हैं। यही नहीं ताजिया बनते ही नहीं आ रहे यह बल्कि ताजिया को विधवा मोहर्रम के नियमानुसार मानते भी आ रहे हैं।

 

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*कौन हैं राधे जयसवाल*

 

राधे प्रसाद जयसवाल बिहार प्रांत के कैमूर जिले के भगवानपुर प्रखंड अंतर्गत तोड़ी पंचायत के बसंतपुर गांव निवासी हैं। यह पेसे से बसंतपुर गांव मे स्टेट बैंक का सीएसपी प्रबंधक है.

 

राधे प्रसाद जायसवाल बताते हैं कि 50 सालों से हिंदू मुस्लिम भाईचारे का मिसाल पेश कर रहा है यह मोहर्रम पर्व मुस्लिम भाइयों के मातमी का पर्व है। लेकिन यहां हिन्दू मुस्लिम दोनों आपसी भाईचारे के साथ हम सभी परिवार मिलकर ताजिया बनाते हैं और ताजिए के जुलूस में हम अपनी ताजिया लेकर शरीक होते है। और यह परंपरा हम लगभग 50 वर्षो से इस त्यौहार को लगन पूर्वक , निष्ठा,समय संपत्ति लगाकर हम अपने त्यौहार की तरह मनाते आ रहे हैं। यही नहीं लोगों ने तो यह भी बताया कि यहां हिंदू परिवार ही ताजिया उठाते हैं। ताजिया बनाने में मुस्लिम परिवार के लोग हिंदू परिवार के भाइयों के साथ मिलकर सहयोग करते हैं। दोनों साथ में ताजिया मोहर्रम का त्यौहार खूब शांतिपूर्ण ढंग से बनाते हैं। दोनों समुदाय के लोग साथ में खेलते कूदते भी हैं या हुसैन के नारे लगाते भी खूब जम कर लगते हुए ताजिया का पहलाम कर्बला तक ले जाकर करते है।

 

सबसे बड़ी बात यह है कि हिंदू परिवार के लोग ताजिया कर्बला अल्लाह मालिक से मन्नते भी खूब मानते हैं और और ताजिया कर्बला लोगों की मिनते भी पूरी करते है। लोगों का यह भी कहना है की मिन्नतें पूरी हो जाने के बाद गांव के हिंदू मुस्लिम खूब खुशी-खुशी भाईचारे के साथ प्रेम से मिलकर ताजिया उठते हैं।

 

# जिसका जीता जागता उदाहरण बसंतपुर गांव निवासी राधे प्रसाद जयसवाल मन्नत पूरी होने के बाद से मनाते आ रहे ताजिया।

बसंतपुर गांव में राधे प्रसाद जायसवाल, राजवंश जायसवाल, शिव लखन साह द्वारा 50 सालों से मोहर्रम के मौके पर ताजिया बनाते आ रहे है। ताजिया मोहर्रम के नियमानुसार मनाते आ रहे हैं। राधे प्रसाद जायसवाल बताते हैं कि 50 वर्ष पहले उनके पूर्वजों द्वारा मन्नत मांगा गया था और मन्नत पूरा होने के बाद से 50 सालों से ताजिया उठाते आ रहे हैं। मोहर्रम का त्यौहार आपसी भाईचारे के साथ हिंदू परिवार एवं मुस्लिम परिवार मिलकर मनाते हैं।

 

# राधे प्रसाद जायसवाल बताते हैं कि 30 साल पहले ताजियादार के समान की हो गयी थी चोरी।

वही बसंतपुर गांव के वार्ड नंबर 9 के वार्ड सदस्य प्रतिनिधि सैयद अंसारी ने भी बताया कि 30 वर्ष से पहले बसंतपुर गांव में हिंदू परिवार एवं मुस्लिम परिवार दोनों का ताजिया उठता था और दोनों आपसी भाईचारे के साथ मोहर्रम मनाते थे। इसी बीच ताजियादार के ताजिया के सामान की पगड़ी व अन्य सामान की चोरों द्वारा चोरी कर ली गई थी। जिसके बाद से मुस्लिम परिवार के लोगों ने ताजिया बनाना छोड़ दिया था। हिंदू परिवार के राधेश्याम प्रसाद जयसवाल,राजवंश जायसवाल, शिवलखन साह हिन्दू परिवार के लोग जो ताजिया बनाते हैं। उन हिंदू परिवार के लोग के साथ मिलकर ताजिया बनाते हैं व उठाते भी हैं। मोहर्रम का त्यौहार आपसी भाईचारे के साथ 50 सालों से मोहर्रम का त्यौहार मनाते आ रहा हैं परिवार। वही बसंतपुर गांव के हिंदू मुस्लिम परिवार के लोगों द्वारा ताजिया एवं एक साथ मोहर्रम का त्योहार साथ में मिलकर मनाने की यह चर्चा क्षेत्र के लोगों के जुबान पर रहती है और एक तरफ से खूब मिसाल भी पेश की जा रही है।

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