भागलपुर में सुरों की मल्लिका आशा भोसले को भावभीनी श्रद्धांजलि, गीतों से सजी संगीतमयी संध्या

Asha Tai's memories come alive in a melodious performance by women

Rashmi Tiwari

बिहार के भागलपुर में संगीत प्रेम की एक भावुक और मधुर झलक देखने को मिली, जब शहर की महिलाओं ने सुरों की मल्लिका आशा भोसले को गीतों के माध्यम से भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। यह संध्या सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि संगीत के जरिए यादों को जीवंत करने का एक अनूठा प्रयास बन गई।
संगीतमयी कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया
भागलपुर में आयोजित इस विशेष संगीतमयी कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह संगीत की मधुरता और भावनाओं की गहराई से सराबोर रहा। महिलाओं ने आशा भोसले द्वारा गाए गए प्रसिद्ध हिंदी और बंगला गीतों की प्रस्तुति दी, जिसने उपस्थित श्रोताओं को भावुक कर दिया। हर गीत के साथ दर्शकों का जुड़ाव और गहरा होता चला गया।
आशा ताई को नमन करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया
इस आयोजन की प्रमुख सुचित्रा सरकार ने बताया कि यह कार्यक्रम महान गायक किशोर कुमार की धरती से आशा ताई को नमन करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि आशा भोसले का संगीत भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है और उनकी आवाज़ आज भी हर पीढ़ी के दिलों में जीवित है। कार्यक्रम के अंत में सभी महिलाओं ने सामूहिक रूप से गीत गाकर श्रद्धांजलि दी। यह संध्या न केवल एक सांस्कृतिक आयोजन रही, बल्कि संगीत के प्रति गहरे प्रेम और सम्मान का प्रतीक भी बनी।
भागलपुर से श्यामानंद सिंह की रिपोर्ट

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