चिराग पासवान से मिला AIJGF का प्रतिनिधिमंडल, ज्वेलरी उद्योग की समस्याओं पर हुई चर्चा

Amit Singh
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NEWS PR डेस्क: नई दिल्ली, 19 मई। ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन (AIJGF) के प्रतिनिधिमंडल ने लोजपा (रामविलास) के व्यावसायिक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं AIJGF बिहार अध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान से मुलाकात की। इस दौरान ज्वेलरी उद्योग से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि सोना खरीद टालने जैसी अपीलों का देश के ज्वेलरी इकोसिस्टम पर गंभीर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि इस उद्योग से छोटे ज्वेलर्स, सुनार, कारीगर, आर्टिजन, मैन्युफैक्चरर्स, रिफाइनर्स, हॉलमार्किंग सेंटर, ट्रांसपोर्टर्स समेत लाखों परिवार जुड़े हुए हैं। लगभग 3.5 करोड़ लोगों की आजीविका प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से इस क्षेत्र पर निर्भर है।

AIJGF ने यह भी कहा कि देश का Gold Import Bill कम करना जरूरी है, लेकिन इसका समाधान ज्वेलरी की मांग कम करने में नहीं, बल्कि देश में मौजूद निष्क्रिय सोने को अर्थव्यवस्था में शामिल करने में है। इसके लिए फेडरेशन ने Bullion Bank Framework लागू करने का प्रस्ताव रखा। इस मॉडल के जरिए घरों, मंदिरों, संस्थाओं और Gold ETFs में पड़े सोने को व्यवस्थित रूप से ज्वेलरी उद्योग, मैन्युफैक्चरर्स, एक्सपोर्टर्स और रिफाइनर्स तक पहुंचाने की बात कही गई।

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चर्चा के दौरान चिराग पासवान ने ज्वेलरी उद्योग की चिंताओं को गंभीर बताते हुए कहा कि यह मुद्दा पूरी तरह जायज़ है। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि प्रधानमंत्री के भारत लौटते ही वह उनसे मुलाकात कर इस विषय पर चर्चा करेंगे और उद्योग की समस्याओं के समाधान का प्रयास करेंगे।

AIJGF के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज अरोड़ा ने कहा कि ज्वेलरी उद्योग देश की परंपरा, रोजगार और अर्थव्यवस्था से गहराई से जुड़ा हुआ है। यह केवल व्यापार नहीं, बल्कि करोड़ों परिवारों की आजीविका का आधार है। उन्होंने उद्योग की बात गंभीरता से सुनने और प्रधानमंत्री तक विषय पहुंचाने के आश्वासन के लिए चिराग पासवान का आभार जताया।

अशोक कुमार वर्मा ने कहा कि भारत को विदेशी मुद्रा बचाने और ज्वेलरी उद्योग की आजीविका सुरक्षित रखने के बीच किसी एक को चुनने की जरूरत नहीं है। सही नीति और ढांचे के जरिए दोनों लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। उन्होंने Bullion Bank Framework को दीर्घकालिक और व्यावहारिक समाधान बताया।

प्रतिनिधिमंडल में केरल से एस.एस. मनोज, छत्तीसगढ़ से अमर परवानी, आगरा से रोहित कत्याल, वाराणसी से अखिलेश मिश्रा, कानपुर से अशोक कुमार बाजपेई, दिल्ली से राकेश मल्लिक, सागर केसरवानी सहित कई सदस्य शामिल रहे।

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