नए साल की रात इंसानियत की मिसाल, सड़क पर ही डॉक्टर ने दिया जीवनदान

Puja Srivastav
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NEWSPR डेस्क। पटना नए साल की खुशियों के बीच पटना की एक सड़क पर इंसानियत और कर्तव्यनिष्ठा की ऐसी मिसाल देखने को मिली, जिसने हर किसी का दिल छू लिया। दानापुर में सड़क पर तड़प रहे एक युवक के लिए एम्स पटना के वरिष्ठ डॉक्टर भगवान बनकर पहुंचे और मौके पर ही ‘संजीवनी’ देकर उसकी जान बचा ली। आज युवक खतरे से बाहर है और डॉक्टर के इस नेक काम की चारों ओर जमकर सराहना हो रही है।

बताया जा रहा है की घटना 1 जनवरी की रात करीब 12:30 बजे दानापुर ओवरब्रिज के पास की है। एम्स पटना के ट्रॉमा सर्जरी और क्रिटिकल केयर विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. अनिल कुमार अपने पुत्र आदिर अनिलाभ के साथ नए साल का जश्न मनाकर घर लौट रहे थे। तभी उनकी नजर सड़क पर गिरी एक मोटरसाइकिल और खून से लथपथ पड़े एक युवक पर पड़ी। युवक की पहचान बाद में चंद्र किशोर गुप्ता के रूप में हुई, जो गंभीर रूप से घायल और बेहोश था। हालात की गंभीरता को समझते हुए डॉ. अनिल कुमार ने बिना एक पल गंवाए गाड़ी रोकी और तुरंत मदद के लिए आगे बढ़े।

डॉ. अनिल कुमार ने सबसे पहले घटनास्थल को सुरक्षित किया और घायल को सड़क के बीच से हटाकर किनारे लाया। रीढ़ की हड्डी को नुकसान से बचाने के लिए उसकी सर्वाइकल स्पाइन को स्थिर किया। इसके बाद जॉ-थ्रस्ट तकनीक से वायुमार्ग खोला, ताकि युवक को सांस लेने में दिक्कत न हो। अत्यधिक रक्तस्राव रोकने के लिए प्रेशर बैंडेज लगाया गया। साथ ही उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी और एम्स पटना की एम्बुलेंस व ट्रॉमा टीम को अलर्ट कर दिया, ताकि अस्पताल पहुंचते ही मरीज को बिना देरी के विशेषज्ञ इलाज मिल सके।

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डॉक्टर की सूझबूझ और समय पर दिए गए प्राथमिक उपचार का असर दिखा। अस्पताल पहुंचते ही युवक को बेहतर इलाज मिला और अब उसकी हालत में लगातार सुधार हो रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, मरीज खतरे से बाहर है और रिकवरी कर रहा है।

“शुरुआती मिनट सबसे अहम”

घटना के बाद प्रो. डॉ. अनिल कुमार ने कहा, “सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की जान बचाने के लिए शुरुआती कुछ मिनट बेहद अहम होते हैं। अगर आम लोग थोड़ी हिम्मत दिखाएं और प्राथमिक उपचार के बुनियादी कदम जान लें, तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।”

एम्स प्रशासन ने की सराहना

एम्स पटना के निदेशक डॉ. राजू अग्रवाल सहित पूरे एम्स प्रशासन ने प्रो. डॉ. अनिल कुमार के इस मानवीय और साहसिक कार्य की खुलकर सराहना की है। सोशल मीडिया और स्थानीय लोगों के बीच भी डॉक्टर को “धरती का भगवान” बताया जा रहा है।

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