आयुष चिकित्सकों की बैठक में प्रशासन की कार्रवाई पर आक्रोश, मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन की चेतावनी

Shreya Raj
बेतिया में आयोजित आयुष चिकित्सकों की जिला कार्यकारिणी की बैठक में शामिल चिकित्सक एवं पदाधिकारी।

NEWS PR डेस्क: पश्चिम चंपारण के बेतिया स्थित एक निजी होटल के सभागार में आयुष चिकित्सकों की जिला कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलेभर से बड़ी संख्या में आयुष चिकित्सक और पदाधिकारी शामिल हुए। इस दौरान चिकित्सकों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के साथ जिला प्रशासन की हालिया कार्रवाई पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में डॉक्टर अफरोज आलम के केंद्र पर जिला प्रशासन की ओर से की गई छापेमारी और प्राथमिकी दर्ज किए जाने का मामला प्रमुख मुद्दा रहा। चिकित्सकों ने इस कार्रवाई को लेकर अपना आक्रोश जताते हुए प्रशासन से नियमों के तहत कार्रवाई करने की मांग की।

डॉ. अफरोज आलम के केंद्र पर कार्रवाई का मुद्दा उठा

बैठक में चिकित्सकों ने कहा कि डॉ. अफरोज आलम एक रजिस्टर्ड और प्रतिष्ठित चिकित्सक हैं। ऐसे में उनके केंद्र पर बिना पूर्व नोटिस दिए कार्रवाई करना उचित नहीं है। चिकित्सकों का कहना था कि जिले में कई गैर-पंजीकृत चिकित्सक भी केंद्र संचालित कर रहे हैं, लेकिन उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसको लेकर बैठक में प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए और मामले में उचित प्रक्रिया अपनाने की मांग की गई।

कार्रवाई से पहले नोटिस देने की मांग

बैठक की अध्यक्षता डॉ. सुमित कुमार ने की। उन्होंने कहा कि आयुष चिकित्सक जिला प्रशासन और सिविल सर्जन से मांग करेंगे कि किसी भी आयुष चिकित्सक के केंद्र पर कार्रवाई करने से पहले नियमानुसार नोटिस दिया जाए। उनका कहना था कि चिकित्सकों के साथ नियमों के अनुरूप कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि किसी प्रकार की परेशानी उत्पन्न न हो। बैठक में चिकित्सकों ने प्रशासन के समक्ष अपनी मांगों को मजबूती से रखने का निर्णय लिया।

दस्तावेज दुरुस्त रखने की अपील, आंदोलन की चेतावनी

जिला सचिव डॉ. मोहम्मद शाहनवाज ने सभी चिकित्सकों से आईएसओ, एमएसएमई, फायर, प्रदूषण और बायो-वेस्ट समेत आवश्यक कागजात दुरुस्त रखने की अपील की। उन्होंने बताया कि डॉ. अफरोज आलम के मामले में जिलाधिकारी और सिविल सर्जन से मुलाकात कर केंद्र संचालन की अनुमति देने की अपील की जाएगी वहीं नीमा के संरक्षक डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि यदि चिकित्सकों की मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आयुष चिकित्सक आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। बैठक में प्रशासन के साथ बातचीत कर समस्या का समाधान निकालने पर भी जोर दिया गया।

पश्चिम चंपारण से रिपोर्टर: मोहम्मद इम्तिआज़

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