बिहार में उद्योग और शिक्षा को बढ़ावा, मुजफ्फरपुर-किशनगंज में सीमेंट प्लांट, हाजीपुर में बनेगा NIFTEM

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: पटना, 16 मई। बिहार में औद्योगिक निवेश को गति देने की दिशा में राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी है। उत्तर बिहार और सीमांचल क्षेत्र को केंद्र में रखकर लिए गए इन फैसलों से रोजगार, कृषि आधारित उद्योग और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

मुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने राजधानी पटना के गर्दनीबाग ठाकुरबाड़ी में पूजा-अर्चना के बाद इन परियोजनाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि बिहार अब बड़े औद्योगिक निवेशों के लिए तेजी से उभरता हुआ केंद्र बन रहा है।

राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (SIPB) की 67वीं बैठक में मुजफ्फरपुर और किशनगंज में बड़ी सीमेंट इकाइयों की स्थापना को स्वीकृति दी गई। इन परियोजनाओं में Dalmia Bharat और Ambuja Cements जैसी प्रमुख कंपनियां निवेश करेंगी। इसके अलावा 16 अन्य परियोजनाओं को स्टेज-1 क्लीयरेंस तथा चार परियोजनाओं को वित्तीय मंजूरी प्रदान की गई है।

सरकार का मानना है कि इन उद्योगों के शुरू होने से सीमांचल और उत्तर बिहार के युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार के अवसर मिल सकेंगे। इससे पलायन में कमी आने के साथ परिवहन, निर्माण कार्य और छोटे व्यापारों को भी बढ़ावा मिलेगा।

इधर, वैशाली जिले के हाजीपुर में देश के तीसरे राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी, उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान यानी National Institute of Food Technology Entrepreneurship and Management की स्थापना को भी मंजूरी दी गई है। लगभग 100 एकड़ में बनने वाला यह संस्थान फूड प्रोसेसिंग, रिसर्च, तकनीकी शिक्षा और उद्यमिता का प्रमुख केंद्र बनेगा।

सरकार का दावा है कि NIFTEM बनने से बिहार के कृषि उत्पादों विशेष रूप से मक्का, मखाना, फल और सब्जियों की प्रोसेसिंग को बढ़ावा मिलेगा। इससे किसानों को बेहतर बाजार, नई तकनीक और मूल्य संवर्धन के अवसर मिल सकते हैं। साथ ही स्टार्टअप्स और युवा उद्यमियों को भी प्रशिक्षण और नवाचार के लिए मंच उपलब्ध होगा।

राज्य सरकार इन निवेशों को “विकसित बिहार” के विजन की दिशा में बड़ा कदम मान रही है। आने वाले वर्षों में उद्योग और शिक्षा क्षेत्र की ये परियोजनाएं बिहार की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती हैं।

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