NEWS PR डेस्क: सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मियों के पहनावे को लेकर शिक्षा विभाग ने नई व्यवस्था लागू की है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब विद्यालय और कार्यालय अवधि के दौरान सभी कर्मियों को केवल औपचारिक (फॉर्मल) वेशभूषा में ही उपस्थित होना होगा। इसका उद्देश्य विद्यालयों में अनुशासन, गरिमा और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण को मजबूत करना है।
शिक्षा विभाग के निदेशक (प्रशासन) ने इस संबंध में सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार, ड्यूटी के समय जींस, टी-शर्ट या अन्य अनौपचारिक पोशाक पहनने से बचना होगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि विद्यालय परिसर में ऐसी कोई गतिविधि न हो, जिससे शैक्षणिक माहौल या संस्थान की गरिमा प्रभावित हो।
विभाग का मानना है कि शिक्षक केवल पढ़ाने का कार्य नहीं करते, बल्कि विद्यार्थियों के लिए आदर्श भी होते हैं। उनका व्यक्तित्व, आचरण और पहनावा छात्रों पर सकारात्मक प्रभाव डालता है। इसलिए शिक्षकों की वेशभूषा भी विद्यालय की संस्कृति और अनुशासन का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी गई है।

शिक्षा जगत से जुड़े लोगों ने इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि औपचारिक परिधान से न केवल शिक्षकों की पेशेवर छवि मजबूत होगी, बल्कि विद्यार्थियों में उनके प्रति सम्मान और विश्वास भी बढ़ेगा। इससे विद्यालयों में अनुशासन और कार्य संस्कृति को भी नई दिशा मिलेगी।
दरअसल, हाल के समय में कुछ सरकारी विद्यालयों से शिक्षकों की ड्यूटी के दौरान लापरवाही और अनुशासनहीनता से जुड़े मामले सामने आए थे। इन घटनाओं के बाद विभाग ने विद्यालयों में बेहतर कार्य संस्कृति विकसित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया है।
