NEWS PR डेस्क : बिहार में 12 फरवरी को बैंक यूनियनों की हड़ताल के कारण सरकारी बैंकों की सेवाओं पर असर पड़ सकता है। इस दौरान SBI, PNB जैसे बैंक प्रभावित रहेंगे, जबकि HDFC और ICICI जैसे निजी बैंक सामान्य रूप से चालू रहेंगे। हड़ताल की प्रमुख मांगों में 5-दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करना और नए श्रम कानूनों का विरोध शामिल है। ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे UPI और नेट बैंकिंग का इस्तेमाल करें या शाखा जाने से पहले बैंक से संपर्क करें।
भारत बंद और बैंक यूनियनों की हड़ताल के बीच गुरुवार, 12 फरवरी को बिहार में ग्राहकों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही था—क्या बैंक आज खुलेंगे या बंद रहेंगे? अगर आप किसी जरूरी काम के लिए शाखा जाने का प्लान बना रहे हैं, तो पूरी स्थिति को समझना जरूरी है।
सबसे पहले ये स्पष्ट कर दें कि RBI ने आज कोई आधिकारिक बैंक हॉलिडे घोषित नहीं किया है। इसका मतलब है कि तकनीकी रूप से बैंक खुले हैं। हालांकि, कई सरकारी बैंकों ने हड़ताल की चेतावनी जारी की है, जिससे शाखा स्तर पर कामकाज धीमा या आंशिक रूप से प्रभावित हो सकता है।
कौन-कौन से बैंक प्रभावित हो सकते हैं ?
SBI, बैंक ऑफ बड़ौदा, PNB, UCO बैंक और IDBI जैसे सरकारी बैंकों ने स्टॉक एक्सचेंज को बताया है कि हड़ताल के कारण सेवाओं में असर पड़ सकता है। इन बैंकों के कर्मचारी यूनियन से जुड़े हैं और हड़ताल में हिस्सा ले सकते हैं। इससे कैश जमा-निकासी, चेक क्लियरिंग और काउंटर सेवाओं में देरी होने की संभावना है। हालांकि बैंक प्रबंधन ने कहा है कि सामान्य संचालन बनाए रखने की कोशिश जारी रहेगी।
निजी बैंक रहेंगे सामान्य
HDFC बैंक, ICICI बैंक, एक्सिस बैंक, RBL और IDFC First जैसे निजी बैंक इस हड़ताल का हिस्सा नहीं हैं। इन बैंकों की शाखाएं और डिजिटल सेवाएं सामान्य रूप से चलने की उम्मीद है। इसलिए अगर कोई जरूरी काम है तो निजी बैंक या डिजिटल माध्यम सुरक्षित विकल्प हो सकते हैं।
5-दिवसीय कार्य सप्ताह और लेबर कोड विवाद
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) ने हड़ताल बुलाई है।
मुख्य मांग है: सप्ताह में 5 दिन काम और 2 दिन अवकाश।
नए लेबर कोड को कर्मचारी विरोधी बताते हुए इसका विरोध किया गया है।
यूनियनों का कहना है कि समझौते के बावजूद 5-दिवसीय कार्य सप्ताह लागू नहीं किया गया।
बिहार में क्या असर रह सकता है ?
पटना, मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर और दरभंगा में सरकारी बैंकों में भीड़ बढ़ सकती है। कई शाखाओं में सीमित स्टाफ के साथ काम होगा। ग्रामीण इलाकों में बैंक मित्र और डिजिटल सेवाएं काम आने की संभावना है। ATM में नकदी उपलब्ध रहने का दावा है, लेकिन स्थानीय स्तर पर दिक्कत हो सकती है।
ग्राहक क्या करें? सुरक्षित विकल्प
UPI, नेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग सेवाएं चालू रहेंगी।
ऑनलाइन फंड ट्रांसफर, बिल भुगतान और बैलेंस चेक में कोई रुकावट नहीं होगी।
बड़े कैश ट्रांजैक्शन, KYC अपडेट या डिमांड ड्राफ्ट के लिए ब्रांच जाना पड़ सकता है, इसलिए पहले शाखा से स्थिति की पुष्टि करना बेहतर है।
बिहार में आज बैंक पूरी तरह बंद नहीं हैं, लेकिन सरकारी बैंकों में सेवाओं में असुविधा हो सकती है। निजी बैंक और डिजिटल माध्यम ग्राहकों के लिए सबसे सुरक्षित विकल्प साबित होंगे।