मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के चंपारण दौरे के बाद बड़ा एक्शन, पूर्वी चंपारण के 26 CO और राजस्व पदाधिकारियों का वेतन रुका

Shreya Raj
जिलाधिकारी ने कार्रवाई को लेकर दी जानकारी, प्रशासनिक कार्यों में लापरवाही पर सख्त रुख।

NEWS PR डेस्क: मोतिहारी: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के चंपारण दौरे के बाद पूर्वी चंपारण जिला प्रशासन ने बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया है। जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव के आदेश पर जिले के 26 प्रखंडों के अंचल अधिकारियों (CO) और राजस्व पदाधिकारियों का वेतन अगले आदेश तक रोक दिया गया है साथ ही संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।

सरकारी निर्देशों के पालन में लापरवाही पर कार्रवाई

जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने बताया कि सरकार की योजनाओं को शत-प्रतिशत धरातल पर लागू करना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके तहत दखल-दहानी कराने, भूमिहीन लोगों को भूमि उपलब्ध कराने समेत कई महत्वपूर्ण कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए गए थे। प्रशासन के अनुसार, सरकार के निर्देश के बावजूद इन कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है।

26 प्रखंडों के अधिकारियों का वेतन रोका गया

जिलाधिकारी के आदेश के बाद पूर्वी चंपारण जिले के सभी 26 प्रखंडों के अंचल अधिकारियों और राजस्व पदाधिकारियों का वेतन अगले आदेश तक रोक दिया गया है। इसके साथ ही अधिकारियों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। संबंधित अधिकारियों को अब अपने स्तर से कार्यों में हुई देरी और सरकारी निर्देशों के अनुपालन को लेकर जवाब देना होगा।

भूमिहीन लोगों को भूमि उपलब्ध कराने पर जोर

जिला प्रशासन की ओर से सरकारी योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने के साथ भूमिहीन लोगों को भूमि उपलब्ध कराने और दखल-दहानी की प्रक्रिया को पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार के निर्देशों के अनुरूप सभी जरूरी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करना होगा।

एक साथ हुई कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हलचल

पूर्वी चंपारण में एक साथ 26 प्रखंडों के CO और राजस्व पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होने से प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री के चंपारण दौरे के बाद जिला प्रशासन की ओर से की गई इस कार्रवाई को काम में लापरवाही के खिलाफ सख्त कदम माना जा रहा है।

जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाना और सरकार के निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है और उनका वेतन फिलहाल अगले आदेश तक रोक दिया गया है।

मोतिहारी से रिपोर्टर: संतोष राउत

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