बिहार में नई रफ्तार की शुरुआत: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का 5 सूत्री मंत्र, तेज़ कामकाज और जीरो टॉलरेंस पर जोर

Chief Minister Samrat Chaudhary's 5-point mantra

Amit Singh

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पद संभालते ही प्रशासनिक मशीनरी को तेज़ करने का स्पष्ट संदेश दे दिया है। शपथ लेने के कुछ ही समय बाद बुधवार को मुख्य सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा की और कामकाज में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि बिहार में चल रहे कार्यों की गति को दोगुना करने की जरूरत है, ताकि आम जनता को जल्द से जल्द राहत मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि हर स्तर पर कार्यों में तेजी और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।

सीएम का 5 सूत्री मंत्र
दरअसल मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बेहतर शासन के लिए 5 अहम दिशा-निर्देश दिए।
दोगुनी गति से काम: सभी विभाग तेजी से काम करें और समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।
भ्रष्टाचार पर सख्ती: जीरो टॉलरेंस नीति को पूरी मजबूती के साथ लागू किया जाए।
काम में देरी खत्म: मुख्यालय से लेकर निचले स्तर तक फाइलों को लटकाने की प्रवृत्ति समाप्त हो।
जनता को प्राथमिकता: प्रखंड, अंचल और थाना स्तर पर लोगों को समय पर सुविधा और समाधान मिले।
अनुशासन और संवेदनशीलता: राज्य को विकसित बनाने के लिए सभी अधिकारी समर्पण और जिम्मेदारी से काम करें।

भूमि विवाद पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने भूमि विवादों को राज्य में अधिकांश आपसी झगड़ों की जड़ बताते हुए कहा कि लगभग 60-70% विवाद इसी कारण होते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भूमि संबंधी मामलों को सरल बनाकर तेजी से निपटाया जाए, ताकि जनता को अनावश्यक परेशानी न हो। सीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि सिर्फ कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि जनता से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं का वास्तविक समाधान करना ही सरकार का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि लोगों को खुशहाल बनाना और उनकी समस्याओं का पूर्ण समाधान करना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत” के विज़न को साकार करने के लिए बिहार को भी तेज़ी से आगे बढ़ाना होगा। इसके लिए सभी अधिकारियों को एकजुट होकर अनुशासन और संवेदनशीलता के साथ काम करना होगा।

बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ० चन्द्रशेखर सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।ब ता दें कि सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार सरकार ने शुरुआत से ही स्पष्ट कर दिया है कि अब फोकस सिर्फ तेज़, पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन पर रहेगा—जहां जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता होगी।

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