बिहार कैबिनेट की बैठक में 18 एजेडों पर लगी मुहर, कर्मचारियों से लेकर उद्योग और शिक्षा क्षेत्र को मिली सौगात

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: पटना, 13 मई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में बुधवार को कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी, नए महाविद्यालयों की स्थापना, उद्योग निवेश, पुलिस बल विस्तार और इलेक्ट्रिक वाहन नीति समेत कई अहम फैसले लिए गए।

कैबिनेट ने पांचवें केंद्रीय वेतनमान, छठे केंद्रीय वेतनमान और सातवें वेतनमान के तहत वेतन और पेंशन प्राप्त कर रहे राज्यकर्मियों तथा पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी को मंजूरी दी। सातवें वेतनमान के तहत महंगाई भत्ता 55 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है।

राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 64 हजार 141 करोड़ रुपये के बाजार ऋण और 72 हजार 901 करोड़ रुपये की सकल उधारी की स्वीकृति भी दी है।

कैबिनेट बैठक में बिहार पुलिस को और मजबूत करने के लिए पांच नए पुलिस उपाधीक्षक पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई। ये पद पूर्णिया, सहरसा, मधुबनी, वैशाली और शिवहर जिलों में अपराध एवं सामुदायिक सुरक्षा इकाइयों के लिए बनाए जाएंगे।

उद्योग क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए भागलपुर जिले में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट (NIFTEM) की स्थापना हेतु 100 एकड़ जमीन केंद्र सरकार को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया। इससे खाद्य प्रसंस्करण उद्योग और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

इसके अलावा पटना के औद्योगिक क्षेत्र में लगभग 971 करोड़ रुपये के निवेश वाली डेयरी परियोजना को भी मंजूरी दी गई है। इस परियोजना से करीब 170 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने का अनुमान है।

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए सात निश्चय-3 के तहत नए डिग्री कॉलेजों की स्थापना को मंजूरी दी है। इन कॉलेजों के जरिए उच्च शिक्षा में नामांकन दर बढ़ाने और पिछड़े क्षेत्रों के छात्रों को बेहतर अवसर देने का लक्ष्य रखा गया है।

कैबिनेट ने इलेक्ट्रिक वाहन नीति को भी बढ़ावा दिया है। “मुख्यमंत्री बिहार पर्यावरण अनुकूल परिवहन योजना” के तहत अगले पांच वर्षों में राज्य में 30 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री का लक्ष्य तय किया गया है। इसके तहत ई-रिक्शा, ई-बस और अन्य इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए अनुदान और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किए जाएंगे।

सूचना प्रौद्योगिकी विभाग से जुड़े फैसलों में बिहार एआई मिशन के तहत ग्लोबल फाउंडेशन फॉर टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च (GFTR) के चयन को मंजूरी दी गई है। इसके तहत राज्य में एआई स्किलिंग प्रोग्राम, टेक्नोलॉजी सेंटर और अंतरराष्ट्रीय स्तर के तकनीकी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही कई विभागों में नई नियुक्तियों, योजनाओं के विस्तार और बुनियादी ढांचे से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।

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