उद्योग मंत्री का बड़ा ऐलान- मोकामा में बंद भारत वैगन की जमीन होगी अधिग्रहित

Amit Singh
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NEWS PR डेस्क: मोकामा में स्थित केंद्र सरकार के अधीन बंद पड़े सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योगों की जमीन को बिहार सरकार द्वारा अधिग्रहित करने की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। इसके लिए राज्य का उद्योग विभाग केंद्र सरकार को पत्र लिखेगा। यह घोषणा मंगलवार को बिहार विधान परिषद में उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने की।

दरअसल, जदयू के विधान पार्षद नीरज कुमार ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से सदन में यह मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार औद्योगिक विकास को गति देने के लिए विभिन्न जिलों में भूमि अधिग्रहण कर रही है, लेकिन राज्य में कई ऐसे सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योग हैं जो वैश्वीकरण और नई आर्थिक नीति के बाद बंद हो गए। उद्योग बंद हो गए, लेकिन उनकी बहुमूल्य जमीन आज भी केंद्र सरकार के स्वामित्व में खाली पड़ी है।

नीरज कुमार ने बताया कि नेशनल टेक्सटाइल कॉरपोरेशन की मुजफ्फरपुर स्थित एमडीपी यूनिट और मोकामा की भारत वैगन फैक्ट्री समेत कई इकाइयों की जमीन वर्षों से अनुपयोगी पड़ी है। उन्होंने कहा कि इन स्थानों पर बाउंड्री वॉल और बुनियादी ढांचा मौजूद है, ऐसे में यदि केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय हो तो यहां दोबारा औद्योगिक निवेश को बढ़ावा दिया जा सकता है। उन्होंने कटिहार जूट मिल, डालमिया नगर मिल सहित अन्य बंद उद्योगों का भी उल्लेख करते हुए सरकार से ठोस पहल की मांग की।

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इस पर जवाब देते हुए उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि मोकामा अंचल में करीब 40 एकड़ जमीन उपलब्ध है, जिसमें भारत वैगन की जमीन भी शामिल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार सरकार इस जमीन को केंद्र से प्राप्त कर वहां उद्योग स्थापित करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार को पत्र लिखेगी। साथ ही राज्य में मौजूद अन्य बंद औद्योगिक इकाइयों की जमीन को लेकर भी केंद्र से संवाद किया जाएगा।

मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि राज्य सरकार औद्योगिक विकास के लिए बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण कर रही है। उन्होंने बताया कि सीतामढ़ी में 504 एकड़, वैशाली में 1243 एकड़, मधुबनी में 712 एकड़, रोहतास में 17 एकड़, शिवसागर में 492 एकड़, नवादा में 139 एकड़, अरवल में 30 एकड़, नालंदा में 524 एकड़, मुंगेर में 466 एकड़, भागलपुर में 13 एकड़, कटिहार में 252 एकड़, औरंगाबाद के कुटुंबा में 441 एकड़, मुजफ्फरपुर में 700 एकड़, सुपौल में 498 एकड़ और सिवान में 60 एकड़ जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में है। इसी क्रम में मोकामा की बंद पड़ी भारत वैगन की जमीन को भी शामिल किया जाएगा।

कुल मिलाकर, बंद पड़े सार्वजनिक उद्योगों की जमीन को फिर से उपयोग में लाकर बिहार सरकार औद्योगिक निवेश, रोजगार और विकास को नई रफ्तार देने की तैयारी में है।

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