बिहार पंचायत चुनाव: मल्टी पोस्ट ईवीएम के साथ नई तैयारी, स्कूलों में वेयरहाउस पर रोक

Amit Singh
- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →

NEWS PR डेस्क: पटना, 30 मार्च। बिहार में आगामी पंचायत चुनाव को लेकर प्रशासन ने व्यापक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार चुनाव प्रक्रिया को अधिक आधुनिक और सुगम बनाने के लिए पहली बार मल्टी पोस्ट ईवीएम का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे एक साथ कई पदों के लिए मतदान संभव होगा।

चुनाव आयोग ने इस संबंध में नई गाइडलाइन जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि ईवीएम मशीनों के भंडारण के लिए सरकारी स्कूलों का उपयोग नहीं किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो और शैक्षणिक गतिविधियां निर्बाध रूप से जारी रहें।

इसके विकल्प के तौर पर सभी जिलों को अलग से वेयरहाउस बनाने या जरूरत पड़ने पर निजी भवन लीज पर लेने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, लीज की अवधि न्यूनतम 15 वर्ष निर्धारित की गई है। साथ ही, वेयरहाउस के चयन में यह ध्यान रखा जाएगा कि वहां तक वाहनों की पहुंच आसान हो।

- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →

पंचायती राज विभाग ने इस प्रक्रिया की निगरानी के लिए जिला पंचायती राज पदाधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। वेयरहाउस में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम अनिवार्य किए गए हैं, जिनमें फायर सेफ्टी सिस्टम और सीसीटीवी कैमरे शामिल हैं। जिस कमरे में ईवीएम रखी जाएगी, वहां किसी अन्य सामग्री को रखने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा, ईवीएम की फर्स्ट लेवल चेकिंग के बाद खराब मशीनों को अलग सुरक्षित रखने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।

राज्य में पंचायत चुनाव नवंबर-दिसंबर के बीच कराए जाने की संभावना जताई जा रही है। इसके लिए जिला निर्वाचन पदाधिकारी (DRO) और अपर जिला निर्वाचन पदाधिकारी (ADRO) की नियुक्ति भी कर दी गई है। चुनाव को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए हैदराबाद स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स कार्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड से बड़ी संख्या में ईवीएम खरीदी गई हैं। इनमें 32,200 कंट्रोल यूनिट और 1,93,200 बैलेट यूनिट शामिल हैं।

मल्टी पोस्ट ईवीएम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि एक कंट्रोल यूनिट के साथ छह बैलेट यूनिट जोड़ी जा सकती हैं। इसके जरिए मतदाता एक ही समय में ग्राम पंचायत सदस्य, मुखिया, पंच, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य, इन छह पदों के लिए वोट डाल सकेंगे। नई तकनीक के इस्तेमाल से न केवल मतदान प्रक्रिया तेज होगी, बल्कि पारदर्शिता और मतदाताओं की सुविधा भी बढ़ेगी।

- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →
Share This Article