NEWS PR डेस्क : बिहार में पुलिस व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए राज्य सरकार गृहरक्षक बल (होमगार्ड) को मजबूत करने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है। बिहार गृह रक्षा वाहिनी के तहत बड़े पैमाने पर भर्ती अभियान चलाया जा रहा है। गृह विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में 13,500 नए होमगार्ड की नियुक्ति का लक्ष्य तय किया है, जिससे युवाओं को व्यापक रोजगार अवसर मिलेंगे और कानून-व्यवस्था को अतिरिक्त बल मिलेगा।
इससे पहले वर्ष 2025 में 15,000 गृहरक्षकों के नामांकन के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। ताजा आंकड़ों के अनुसार 11,438 अभ्यर्थियों का चयन और नामांकन पूरा हो चुका है। यह भर्ती प्रक्रिया राज्य के 34 जिलों में संचालित हो रही है। चयनित अभ्यर्थियों को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसमें शारीरिक क्षमता विकास, अनुशासन, आपदा प्रबंधन और कानून-व्यवस्था से जुड़े विषय शामिल हैं। विभाग का कहना है कि शेष अभ्यर्थियों की प्रक्रिया भी शीघ्र पूरी कर ली जाएगी।
केवल गृहरक्षक ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक और प्रशिक्षण से जुड़े पदों पर भी नियुक्तियां की जा रही हैं। अधिनायक लिपिक के 128 पदों पर सीधी भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया है। वहीं अधिनायक अनुदेशक के 244 पदों के लिए प्रस्ताव बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग को भेजा गया है। इन नियुक्तियों से विभागीय कामकाज में तेजी आएगी और प्रशिक्षण प्रणाली अधिक संगठित बनेगी।
गृह रक्षा वाहिनी के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने पर भी जोर दिया जा रहा है। 33 जिलों में भवन और प्रशिक्षण केंद्र के लिए भूमि उपलब्ध कराई जा चुकी है, जबकि अन्य जिलों में भी जल्द जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है। नए भवन और आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं तैयार होने से गृहरक्षकों को बेहतर संसाधन मिलेंगे और प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार होगा।
प्रशिक्षण को और प्रभावी बनाने के लिए सेना के सेवानिवृत्त प्रशिक्षकों की सेवाएं ली जाएंगी। 50 रिटायर्ड ट्रेनरों को मानदेय के आधार पर नियुक्त करने की स्वीकृति दी गई है। ये विशेषज्ञ गृहरक्षकों को सामरिक कौशल, अनुशासन और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की विशेष ट्रेनिंग देंगे, जिससे बल की पेशेवर क्षमता मजबूत होगी।
राज्य सरकार ने गृहरक्षकों के कर्तव्य भत्ते में भी वृद्धि की है। पहले जहां उन्हें 774 रुपये प्रति कार्य दिवस मिलते थे, वहीं अब यह राशि बढ़ाकर 1121 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है। इस बढ़ोतरी से गृहरक्षकों को आर्थिक रूप से काफी राहत मिलेगी और उनका मनोबल भी बढ़ेगा।
सरकार का कहना है कि यह पहल राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने, युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और गृहरक्षक बल को अधिक सक्षम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में गृह रक्षा वाहिनी को और सशक्त बनाने के लिए अतिरिक्त सुधारात्मक उपाय भी किए जाएंगे। यह भर्ती अभियान न केवल रोजगार के लिहाज से अहम है, बल्कि कानून-व्यवस्था और आपदा प्रबंधन को भी नई मजबूती देने वाला साबित होगा।