10 हजार जमा कर 2 लाख का लालच, फर्जी फाइनेंस कंपनी सैकड़ों महिलाओं की लाखों रुपये लेकर हुआ फरार

Amit Singh
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NEWS PR डेस्क: भागलपुर/नवगछिया, 07 जून। नवगछिया अनुमंडल के विभिन्न क्षेत्रों में एक कथित फाइनेंस कंपनी द्वारा सैकड़ों महिलाओं से लाखों रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। आईबीएल फाइनेंशियल लिमिटेड नामक कंपनी पर महिलाओं को कम समय में भारी ऋण दिलाने का झांसा देकर पैसे वसूलने और बाद में कार्यालय बंद कर फरार हो जाने का आरोप लगा है। मामले के सामने आने के बाद बड़ी संख्या में पीड़ित महिलाएं नवगछिया साइबर थाना पहुंचीं, जहां शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

जानकारी के अनुसार, नवगछिया में एनएच-31 के समीप संतोष धर्मकांटा के पास एक अर्द्धनिर्मित भवन में कंपनी का ब्रांच कार्यालय संचालित किया जा रहा था। कंपनी के कथित कर्मचारी नवगछिया, इस्माइलपुर, नारायणपुर, बिहपुर और पसराहा क्षेत्र के गांवों में जाकर महिलाओं को व्यवसायिक ऋण देने का प्रलोभन दे रहे थे।

महिलाओं को बताया गया कि यदि वे कंपनी में 10 हजार रुपये जमा करेंगी तो मात्र 12 घंटे के भीतर उनके खाते में दो लाख रुपये का व्यवसायिक ऋण उपलब्ध करा दिया जाएगा। इस आकर्षक प्रस्ताव के कारण बड़ी संख्या में महिलाएं कंपनी के झांसे में आ गईं और नकद व ऑनलाइन माध्यम से 10-10 हजार रुपये जमा कर दिए।

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बताया जा रहा है कि करीब 200 से अधिक महिलाओं से राशि जमा कराई गई। पीड़ित महिलाओं के अनुसार, कंपनी के कर्मचारियों ने भरोसा दिलाया था कि रात 12 बजे तक या 12 घंटे के भीतर ऋण की राशि उनके बैंक खातों में पहुंच जाएगी। लेकिन निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी किसी के खाते में पैसा नहीं आया।

अगले दिन जब महिलाएं कंपनी के कार्यालय पहुंचीं तो वहां ताला लटका मिला। कार्यालय बंद मिलने के बाद उन्होंने भवन मालिक से संपर्क किया। मकान मालिक ने बताया कि कार्यालय संचालित करने वाले लोग ताला लगाकर चले गए हैं और उनका कोई पता नहीं चल रहा है।

ठगी का एहसास होने पर दर्जनों महिलाएं आक्रोशित होकर नवगछिया साइबर थाना पहुंचीं। कई महिलाएं रोती-बिलखती नजर आईं। पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने ऋण मिलने की उम्मीद में उधार लेकर, बचत तोड़कर और ब्याज पर पैसे लेकर कंपनी में जमा किए थे। अब उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

इस्माइलपुर प्रखंड के वेदी राय टोला निवासी सोनी देवी ने बताया कि कंपनी के प्रतिनिधियों ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि ऋण मिलने के बाद वे अपना छोटा व्यवसाय शुरू कर सकेंगी। इसी विश्वास में उन्होंने अपनी जमा पूंजी और उधार के पैसे कंपनी को दे दिए।

साइबर थाना पुलिस फिलहाल पीड़ित महिलाओं से आवेदन प्राप्त कर रही है और ऑनलाइन लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों व बैंकिंग विवरणों को एकत्र किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तीन से चार युवकों ने कंपनी के नाम पर विभिन्न क्षेत्रों में जाकर महिलाओं को अपने जाल में फंसाया और कथित रूप से लाखों रुपये की ठगी को अंजाम दिया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्राप्त शिकायतों और बैंकिंग ट्रांजैक्शन की जांच के आधार पर आरोपियों की पहचान की जाएगी। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद पूरे इलाके में लोगों के बीच आक्रोश और चिंता का माहौल है, जबकि प्रशासन लोगों से किसी भी निवेश या ऋण योजना में पैसा लगाने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करने की अपील कर रहा है।

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