NEWS PR डेस्क: सपनों की कोई उम्र नहीं होती और प्रतिभा किसी पहचान की मोहताज नहीं होती। सुपौल के एक 7 वर्षीय नन्हे खिलाड़ी ने अपनी मेहनत और हुनर के दम पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का तिरंगा बुलंद कर पूरे जिले ही नहीं, बल्कि देश का नाम भी रोशन कर दिया है। पिपरा प्रखंड के रामनगर निवासी गीतांक आयुष ने इंटरनेशनल कराटे चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर नई उपलब्धि अपने नाम की है।

सुपौल जिले के पिपरा प्रखंड अंतर्गत रामनगर वार्ड संख्या-16 निवासी अजय कुमार मंडल और स्वीटी आकृति के पुत्र गीतांक आयुष ने बेहद कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय कराटे प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। विदेशी खिलाड़ियों को पछाड़ते हुए उन्होंने गोल्ड मेडल जीतकर भारत का गौरव बढ़ाया।
घर वापसी पर हुआ भव्य स्वागत
गीतांक की इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद उनके गांव और आसपास के इलाके में खुशी का माहौल है। घर लौटने पर उनका भव्य स्वागत किया गया। सम्मान समारोह में स्थानीय लोगों ने फूल-मालाओं और मिठाइयों के साथ नन्हे चैंपियन का अभिनंदन किया।
सम्मान समारोह में उमड़ा जनसैलाब
आयोजित सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में हरेराम मंडल, निशांत गुंजन, सौरभ मंडल, शुभम प्रियदर्शी, भगवत मंडल और अमन मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने गीतांक आयुष को सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम का सफल संचालन प्रियंका मिश्रा ने किया।
कम उम्र में बड़ी उपलब्धि
जिस उम्र में अधिकांश बच्चे खेल-कूद और पढ़ाई में व्यस्त रहते हैं, उस उम्र में गीतांक आयुष ने अंतरराष्ट्रीय कराटे प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर यह साबित कर दिया कि लगन, अनुशासन और मेहनत से हर सपना साकार किया जा सकता है। गीतांक की यह सफलता न केवल सुपौल, बल्कि पूरे बिहार के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है। उनकी उपलब्धि ने यह संदेश दिया है कि छोटे शहरों और गांवों की प्रतिभाएं भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना सकती हैं। सुपौल से अल्ताफ राजा की रिपोर्ट
