NEWS PR डेस्क: बिहार के गया स्थित बोधगया मठ में सनातन और बौद्ध परंपराओं का अनोखा संगम देखने को मिला। ताइवान के 14 और थाईलैंड के 2 विदेशी श्रद्धालुओं ने अपने पितरों की आत्मा की शांति और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना को लेकर विशेष पूजा-अर्चना की। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान करीब 3000 दीप जलाए गए, जिससे पूरा परिसर आध्यात्मिक माहौल से भर गया।
108 बौद्ध भिक्षुओं और 33 ब्राह्मणों ने कराया अनुष्ठान
इस विशेष आयोजन में 108 बौद्ध भिक्षुओं के साथ थाईलैंड से पहुंचे मोंक, ऋषिकेश से आए 33 ब्राह्मण और बोधगया मठ के संत-साधु शामिल हुए। सभी ने मिलकर धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-अर्चना कराई। इस दौरान सनातन और बौद्ध परंपराओं से जुड़ी धार्मिक विधियों का पालन किया गया।
विदेशी श्रद्धालुओं ने अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की साथ ही, अपने परिवार और जीवन में सुख-समृद्धि की कामना भी की। करीब 3000 दीपों के प्रज्वलन के साथ पूरा बोधगया मठ भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर नजर आया।

कार्यक्रम में शामिल हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार
इस धार्मिक आयोजन में बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार भी शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद श्रद्धालुओं और संत-साधुओं से मुलाकात की और आयोजन का हिस्सा बने। बोधगया में आयोजित इस कार्यक्रम ने एक बार फिर सनातन और बौद्ध परंपराओं के बीच सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जुड़ाव को सामने रखा।
2022 में शुरू हुई थी परंपरा, अब साल में दो बार आयोजन
बताया गया कि बोधगया मठ में इस तरह की विशेष पूजा की परंपरा वर्ष 2022 में शुरू हुई थी। शुरुआत के बाद से यह आयोजन लगातार आगे बढ़ रहा है और अब इसे साल में दो बार आयोजित किया जाता है। खास बात यह है कि इस धार्मिक आयोजन में शामिल होने वाले विदेशी श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ी है।
इस बार ताइवान के 14 और थाईलैंड के 2 श्रद्धालु, यानी कुल 16 विदेशी श्रद्धालु इस आयोजन में शामिल हुए। बोधगया मठ में सनातन परंपरा के ब्राह्मणों, बौद्ध भिक्षुओं और संत-साधुओं की मौजूदगी ने इस आयोजन को विशेष बना दिया।
गया से रिपोर्टर: आशीष कुमार