NEWS PR डेस्क: कैमूर: कैमूर में खनन विभाग के कर्मियों पर ट्रक चालक के साथ कथित मारपीट के आरोप के मामले में जिला प्रशासन ने गंभीरता से संज्ञान लिया है। मामले में प्रसारित खबर और प्राप्त सूचना के आधार पर जिलाधिकारी ने निष्पक्ष और विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दो सदस्यीय जांच समिति गठित, दो दिन में रिपोर्ट देने का निर्देश
मामले की जांच के लिए अपर समाहर्ता, विभागीय जांच और जिला खनन पदाधिकारी की दो सदस्यीय संयुक्त जांच समिति गठित की गई है। समिति को घटना की स्थलीय और तथ्यात्मक जांच करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, अगले दो दिनों के भीतर जांच पूरी कर स्पष्ट रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपने को कहा गया है।
प्रशासन की ओर से जांच को निष्पक्ष तरीके से पूरा करने पर जोर दिया गया है, ताकि घटना से जुड़े सभी तथ्यों की सही जानकारी सामने आ सके। जांच के दौरान घटना से संबंधित परिस्थितियों और कर्मियों की भूमिका की भी पड़ताल की जाएगी।
माइनिंग SI और होमगार्ड जवानों का सितंबर का वेतन रोका
वहीं, प्रारंभिक सूचना के आधार पर जिला प्रशासन ने संबंधित खनन सब-इंस्पेक्टर यानी माइनिंग SI और घटना के दौरान प्रतिनियुक्त होमगार्ड जवानों के खिलाफ भी तत्काल कदम उठाया है। जांच पूरी होने तक सभी संबंधित कर्मियों का सितंबर महीने का वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है।
प्रशासन के मुताबिक, जांच समिति से क्लियरेंस मिलने के बाद ही संबंधित कर्मियों के वेतन की निकासी पर आगे विचार किया जाएगा। यानी फिलहाल जांच पूरी होने तक वेतन भुगतान पर रोक रहेगी।

दोषी पाए जाने पर होगी कड़ी कार्रवाई
जिला प्रशासन ने साफ कहा है कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने या अपने पद का दुरुपयोग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अगर जांच में कोई कर्मी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ-साथ आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
जिलाधिकारी के निर्देश के बाद अब जांच समिति की रिपोर्ट पर पूरे मामले की आगे की कार्रवाई निर्भर करेगी। अगले दो दिनों में रिपोर्ट सामने आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि घटना में किसकी भूमिका रही और आरोपों में कितनी सच्चाई है।
कैमूर से रिपोर्टर: ब्रजेश दुबे