NEWS PR डेस्क: पटना, 02 जून। राजधानी पटना के नौबतपुर थाना क्षेत्र में 12 वर्षीय बच्ची को गोली लगने की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जांच में पता चला है कि बच्ची किसी सड़क पर हुई फायरिंग की शिकार नहीं हुई थी, बल्कि घर में चचेरे भाई के पिस्तौल से खेलते समय गलती से चली गोली उसके पेट में लग गई थी। घटना के बाद परिजनों ने सच्चाई छिपाने के लिए सड़क पर गोलीबारी की झूठी कहानी गढ़कर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की।
फुलवारीशरीफ के पुलिस अनुमंडल पदाधिकारी (डीएसपी-2) दीपक कुमार ने गुरुवार को बताया कि 28 जून को नौबतपुर थाने में दर्ज शिकायत में दावा किया गया था कि अजवा पेट्रोल पंप के पास दो युवकों के बीच विवाद के दौरान हुई फायरिंग में घर के पास खेल रही बच्ची गोली लगने से घायल हो गई। घायल बच्ची का इलाज पटना के एक निजी अस्पताल में चल रहा है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो घटनास्थल से गोलीबारी के कोई सबूत नहीं मिले। मौके पर न तो गोली का खोखा बरामद हुआ, न खून के निशान मिले और न ही स्थानीय लोगों ने किसी फायरिंग की पुष्टि की। इसके बाद पुलिस को शिकायत में बताई गई कहानी पर संदेह हुआ।

जांच के दौरान पुलिस ने अमित कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की। वैज्ञानिक अनुसंधान और पूछताछ में खुलासा हुआ कि बच्ची का चचेरा भाई सोनू घर में पिस्तौल से खेल रहा था। इसी दौरान अचानक गोली चल गई, जो बच्ची के पेट में जा लगी। घटना के बाद सोनू मौके से फरार हो गया और परिजनों ने हथियार छिपाकर पुलिस को गुमराह करने के लिए सड़क पर गोलीबारी की मनगढ़ंत कहानी तैयार कर दी।
पुलिस ने साक्ष्य छिपाने, हथियार को छिपाने, जांच में सहयोग नहीं करने और पुलिस को गुमराह करने के आरोप में अमित कुमार, रूपक कुमार, संजय कुमार, पप्पू कुमार और रोहित कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से एक देसी कट्टा, एक पिस्टल, छह जिंदा कारतूस और दो मैगजीन बरामद की गई हैं।
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट समेत अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं, मुख्य आरोपी सोनू की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
