NEWS PR डेस्क: पटना/नालंदा,02 जुलाई। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कार्रवाई लगातार जारी है। ताजा मामले में नालंदा जिले के हिलसा अनुमंडल कार्यालय में तैनात एक पेशकार और एक निजी दलाल को 22 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। दोनों की गिरफ्तारी निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की मुख्यालय टीम ने विशेष अभियान चलाकर की।
ब्यूरो के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में हिलसा अनुमंडल कार्यालय के पेशकार नीलम कुमार चौधरी और निजी दलाल सुनील कुमार सिन्हा शामिल हैं। दोनों को अनुमंडल कार्यालय स्थित विधि शाखा के कक्ष से रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया।
बताया गया कि नालंदा जिले के रामफर गांव निवासी दिलीप नारायण सिंह ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से शिकायत की थी कि हिलसा अनुमंडल दंडाधिकारी के न्यायालय में लंबित एक मामले में उनके पक्ष में फैसला कराने के नाम पर रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायत मिलने के बाद ब्यूरो ने मामले का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई।
सत्यापन में आरोप सही पाए जाने के बाद निगरानी थाना में मामला दर्ज किया गया और पुलिस उपाधीक्षक संजय कुमार के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। योजनाबद्ध कार्रवाई के दौरान दोनों आरोपियों को 22 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बताया कि दोनों आरोपियों से पूछताछ के बाद उन्हें विशेष निगरानी न्यायालय, पटना में पेश किया जाएगा। मामले में आगे की जांच जारी है और रिश्वतखोरी से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के खिलाफ यह 78वां मामला दर्ज किया गया है, जबकि ट्रैप कार्रवाई से जुड़ा यह 73वां केस है। इस वर्ष अब तक 73 आरोपियों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया जा चुका है और कुल 27.85 लाख रुपये की रिश्वत राशि बरामद की गई है। वहीं वर्ष 2025 में निगरानी ब्यूरो ने 101 ट्रैप केस दर्ज किए थे, जिनमें 37.80 लाख रुपये की रिश्वत राशि बरामद हुई थी।
